
सातरूंडा/रतलाम । मानव सेवा और परोपकार की अनूठी मिसाल पेश करते हुए ग्राम बिरमावल निवासी 71 वर्षीय स्वर्गीय शिवराम सीरवी का निधन उपरांत उनके परिजनों ने नेत्रदान कराने का प्रेरणादायी निर्णय लिया। यह पुण्य कार्य अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
परिजनों ने बताया कि स्व. शिवराम सीरवी के निधन के बाद उनके पुत्र संजय सीरवी ने परिवार की सहमति से नेत्रदान का संकल्प लिया। इस दौरान बद्रीलाल सीरवी, विनोद राठौड़, राहुल श्रीमाल, सौरभ पीपाड़ा, विकास पीपाड़ा, बिट्टू रावल सहित अन्य सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नेत्रदान की प्रक्रिया बड़नगर गीता न्यास समिति के डॉ. ददरवाल द्वारा संपन्न कराई गई। यह उनके द्वारा कराया गया 981वां नेत्रदान है, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि और सेवा का इतिहास है।
स्व. शिवराम सीरवी के परिवार का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है कि मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में उजाला फैलाया जा सकता है। नेत्रदान जैसे महादान से दो जरूरतमंद लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद जगी है। “जो आँखें हमेशा के लिए बंद हो गईं, वही किसी और की दुनिया रोशन कर गईं।”