पातालपानी-ओंकारेश्वर रोड आमान परिवर्तन, इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन सहित विभिन्न परियोजनाओं का लिया जायजा

रतलाम, 17 अगस्त। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पाण्डेय ने इंदौर प्रवास के दौरान रतलाम मंडल के अंतर्गत इंदौर एवं आसपास के क्षेत्रों में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण एवं विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पातालपानी-ओंकारेश्वर रोड रेलखंड के मध्य चल रहे आमान परिवर्तन कार्य का जायजा लिया तथा इंदौर में निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति के संबंध में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। महाप्रबंधक ने प्रत्येक परियोजना के तकनीकी पहलुओं, कार्य की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
समीक्षा के दौरान इंदौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य, इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना, टीही के समीप निर्माणाधीन टनल, लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन दो नए प्लेटफॉर्म, पातालपानी-ओंकारेश्वर रोड रेलखंड के आमान परिवर्तन कार्य तथा नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन रेल ब्रिज, उज्जै न बाईपास लाइन सहित अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पाण्डेय ने सभी परियोजनाओं की प्रगति की गहनता से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों, गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आपसी समन्वय बना रखने तथा निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया।
इंदौर से वापसी के दौरान महाप्रबंधक पश्चिम रेलवे द्वारा इंदौर से दाहोद तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण कर रेलवे ट्रैक के संरक्षा एवं सुरक्षा की जांच भी की गई।
महाप्रबंधक के इंदौर प्रवास के दौरान मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री अक्षय कुमार सहित निर्माण विभाग एवं रतलाम मंडल के विभिन्न शाखाधिकारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। महाप्रबंधक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए कार्यों में आने वाली बाधाओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए, ताकि परियोजनाओं को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरा किया जा सके।