
रतलाम । युवा राष्ट्र की धमनियों में बहने वाला वह जीवंत रक्त है जो समाज व देश की प्रगति को गति, दिशा व ऊर्जा प्रदान करता है । युवा मात्र देश का भविष्य नहीं बल्कि आज का भाग्य विधाता है । जब वह अनुशासित होकर राष्ट्र सेवा के मार्ग पर चलता है तो एक अजेय और समर्थ राष्ट्र का उदय होता है । उसका चरित्र ही किसी भी राष्ट्र की असली नियति और उसकी बुनियाद की सुदृढ़ता तय करता है ।
यह बात नेशनल कैडेट कोर के अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने मध्य प्रदेश शासन की योजना ”एजुकेशन फॉर ऑल” पत्रिका के लिए अपने साक्षात्कार में जवाहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र कृष्ण कांत जोशी व पत्रिका की प्रधान संपादक विनीता ओझा को कही । आपके द्वारा गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. निर्देशक की ओर से एनसीसी अधिकारी के रूप में नेतृत्व किया गया । आप विकासखंड अधिकारी भी रहे। साक्षात्कार का मार्गदर्शन प्राचार्य मंजूलता जादौन ने किया । उन्होंने कहा कि अनुशासन, चरित्र निर्माण के साथ-साथ उचित शिक्षा, कानून का पालन, पर्यावरण की रक्षा, सद्भाव, व नशे से दूर रहकर ही हम राष्ट्र के विकास में सहायक हो सकते हैं । एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अनुशासन जीवन को सही दिशा देता है और ईमानदारी से समाज में विश्वास उत्पन्न होता है वहीं जिम्मेदारी कर्तव्य का बोध कराती है। इनके बिना कोई भी समाज या देश प्रगति नहीं कर सकता । उन्होंने कहा कि सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता वह कठिन परिश्रम एवं लक्ष्य निर्धारण से ही संभव होता है । घड़ी की तरह ही आपको चलते रहना होगा। पर्यावरण संरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन को बचाने के लिए पर्यावरण को संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि पर्यावरण हमें प्राकृतिक आपदाओं से बचाता है तथा शुद्ध हवा, पानी और भोजन प्रदान करता है । उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि संविधान एवं लोकतंत्र की रक्षा करने के आपके प्रयास ही भारत के नवनिर्माण में सहायक होंगे । अपने गौरवशाली पलों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी कानपुर में वे प्रथम स्थान पर रहे वहीं तत्कालीन ब्रिगेडियर आर. के. कौशल एवं लेफ्टिनेंट जनरल आर.के. करवाल द्वारा नई दिल्ली में कमेंडेशन प्रशस्ति पत्र प्रदान किया । राष्ट्रीय एकता शिविर में 23 से अधिक बार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ का नेतृत्व किया जो मेरे जीवन के गर्व भरे पलों में से एक हैं । साक्षात्कार में सहयोगी के रूप में विजय पांचाल, निशा सिसोदिया एवं विशेष अतिथि के रूप में ज्योत्सना तिवारी उपस्थित थी । श्री तिवारी के प्रति आभार विनीता ओझा ने माना