अपने सदस्यों को मनाया जन्मदिन


जावरा। भारतीय संस्कृति में गाय को गौ माता का दर्जा दिया गया है। गाय मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी एवं पोषक तत्व प्रदान करती है। प्राचीन काल से ही गौसेवा को पुण्य एवं सेवा का श्रेष्ठ कार्य माना गया है। हमारे वेद-पुराण एवं धार्मिक ग्रंथों में भी गौसेवा के महत्व का विशेष रूप से उल्लेख मिलता है।
इसी सेवा भावना के साथ जैन वरिष्ठ महासंघ जावरा द्वारा संस्था के नियमित गौसेवा कार्यक्रम के अंतर्गत जीव दया सोसाइटी पर गायों को गौग्रास खिलाकर वर्षीतप आराधक एवं संस्था सदस्य कनकमल चौरड़िया का जन्मोत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष अभय सुराणा ने कहा कि गौसेवा हमारी भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है। गौसेवा के माध्यम से न केवल जीवदया का संदेश मिलता है, बल्कि समाज में सेवा, करुणा और संस्कार की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा नियमित रूप से गौसेवा की जा रही है और सदस्यों के जन्मदिवस एवं अन्य शुभ अवसरों को सेवा कार्यों से जोड़कर मनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जीवदया के सह-संयोजक राजेंद्र कोचर ने भी गौसेवा के इस आयोजन में सहभागिता करते हुए सेवा कार्य को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीव मात्र के प्रति दया और करुणा रखना हमारी धार्मिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान अगस्त माह में जन्मे संस्था के अन्य सदस्यों का भी माला पहनाकर जन्मदिवस मनाया गया तथा उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। जन्मदिवस के लाभार्थी कनकमल चौरड़िया एवं श्रीमती सुशीला चौरड़िया का मोतियों की माला पहनाकर एवं शाल ओढ़ाकर बहुमान किया गया।
जन्मदिन समिति संयोजक नेमीचंद जैन एवं उपस्थित सदस्यों ने अभय सुराणा, अनिल धारीवाल, सुशील मेहता सहित जन्मदिवस वाले सदस्यों का माला पहनाकर अभिनंदन किया और उन्हें शुभकामनाएं प्रदान कीं।
कार्यक्रम का संचालन विवाह वर्षगांठ समिति संयोजक प्रदीप सेठिया ने किया। आभार प्रदर्शन संस्था सचिव राजकुमार हरण ने माना।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में अनिल पावेचा, पुखराज चत्तर, पुखराज कांठेड़, बसन्तीलाल चपडोद, प्रकाश चंद श्रीश्रीमाल संजय सुराणा हेमंत जैन देवेंद्र धारीवाल सुभाष चौरड़िया, श्रीमती मंजू चौरड़िया, धनसुख चौरड़िया ऋषभ छाजेड़ आदि सदस्य के साथ ही गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।