
भोपाल/इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। सकल जैन समाज के आगामी पर्यूषण महापर्व को लेकर राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ ने मध्यप्रदेश सरकार से दो प्रमुख मांगें उठाई हैं। संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू और केंद्रीय संघ नायक राकेश जैन गोहिल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इस पर त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया है। एवं सरकार के पुर्व आदेश का महापर्व पर सरकार अमल कराएं। 1. ई-अटेंडेंस ऐप में आ रही बाधा, पुराने आदेश का पालन हो। संघ के मंयक जैन ने बताया कि शासन के दो पुराने आदेश आज भी प्रभावी हैं –
- आदेश क्र. M-3-5/1990/1/4 दिनांक 17 जनवरी 1992* के अनुसार सकल जैन समाज के पर्युषण पर्व के दौरान जैन कर्मचारियों को दोपहर 12 बजे तक उपस्थिति की छूट है।
- आदेश क्र. M-3-15/85/1/4 दिनांक 2 अगस्त 1985 के अनुसार अनंत चतुर्दशी पर विशेष आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है।
परंतु वर्तमान में लागू ई-अटेंडेंस ऐप में सुबह 10:45 बजे तक ही पंचिंग और 6 घंटे उपस्थिति अनिवार्य होने से जैन कर्मचारी पूजा-अर्चना के बाद कार्यालय पहुंचने पर अनुपस्थित माने जा रहे हैं।
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ की मांग : DPI एवं आयुक्त शिक्षा के माध्यम से ई-अटेंडेंस प्रणाली में संशोधन कर पुराने आदेश अनुसार छूट बहाल की जाए। 2. पर्यूषण पर अभक्ष मांस दुकानें एवं बुचड़ खाने बंद कराई जाएं। वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने बताया कि आदेश क्र. 906/69वीं/18-3/90 दिनांक 18 मई 1990 के तहत धार्मिक व राष्ट्रीय पर्वों पर बूचड़खाने और मांस दुकानें बंद रखने का स्पष्ट निर्देश है, फिर भी स्थानीय प्रशासन की ढिलाई से पर्वों पर भी दुकानें खुली रहती हैं।
भारत वर्षीय सकल जैन समाज की मांग है कि आगामी पर्यूषण महापर्व के दौरान सभी अभक्ष्य (मांस-मटन) दुकानों, बूचड़खानों को बंद रखने का सख्त आदेश जारी हो। पर्व से 2 दिन पूर्व ही नगर निगम, नगरपालिका, पंचायतों को लिखित निर्देश दिए जाएं तथा गोवंश वध और अवैध पशु परिवहन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो। राष्ट्रीय जिन शासन, भारत वर्षीय सकल जैन समाज, एवं सोशल ग्रुप फेडरेशन एवं महिला परिषद् की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन ने कहा – पर्यूषण महापर्व सकल जैन समाज का सबसे बड़ा आत्मशुद्धि पर्व है, इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए शासन प्रशासन का सहयोग आवश्यक है।