
रतलाम । आज ग्राम मोरवानी में भील समाज (आदिवासी समाज) ने डॉक्टर राधाकृष्णन सर्वपल्ली का जन्मोत्सव शिक्षक दिवस के रूप में हर्ष उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम महापुरुष डॉक्टर राधाकृष्णन सर्वपल्ली डॉ भीमराव अंबेडकर बिरसा मुंडा मां सरस्वती के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर पूजा अर्चना की गई । आदिवासी एकता परिषद अखिल भारतीय भील समाज जय आदिवासी युवा शक्ति आदिवासी छात्र संगठन महाराणा पूजा जैन कल्याण संगठन वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था रतलाम मध्य प्रदेश अजाक संगठन के संयुक्त तत्वाधान में शिक्षक दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए शिक्षिका श्रीमती अनीता वर्मा ,श्रीमती राजु गांधी का गेंदा , गुलाब के फूलों का गुलदस्ता भेंट कर किया गया। सभी अतिथियों ने डॉक्टर राधाकृष्णन सर्वपल्ली के जीवन ,जीवन गाथा ,पद चिन्हो, प्रकाश डालते हुए कहा कि जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुत्तनी नगर में हुआ उनकी मृत्यु 17 अगस्त 1975 को हुई। वे एक महान शिक्षा विद्ध, दार्शनिक, देश के प्रथम उप राष्ट्रपति रहे थे। जीवन की पाठशाला में हर कोई हमें कुछ न कुछ सीखता है, एक शिक्षक एक दीपक की भांति खुद जलकर दूसरों को प्रकाश देता है तथा अंधेरों से उजाला की ओर ले जाता है। ज्ञान की ज्योति जगाने वाला गुरू ही होता है। जीवन में प्रथम गुरु माता-पिता तथा तीसरा गुरु होता है, जो जाने अनजाने में जिन्होंने हमें बहुत कुछ सिखाया है। उन गुरु के चरणों में कोटि-कोटि नमन कोटि-कोटि वंदन कोटि-कोटि श्रद्धा सुमन अर्पित है ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी महिंद्रा टांक, पीयूष जैन, राधाबाई, कमलाबाई, विशेष अतिथि राजू भाई सिगाड़ ,दिनेश सिंगाड़ ,कमलाबाई ,रामकन्या बाई, सीमा बाई, सुगना बाई, आयुष गामड़, अर्जुन सिंगार कीर्ति सिंगाड,समाज सेवी सुरतलालडामर आदि बडी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।