समता भवन में शासन दीपक श्री चिन्मय जी महाराज सा. के प्रवचन का लाभ लिया
रतलाम। जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रतिस्पर्धा आवश्यक हो सकती है, लेकिन दूसरों से अपनी तुलना करना व्यक्ति को भीतर से अशांत कर देता है। व्यक्ति को दूसरों से आगे निकलने की बजाय प्रतिदिन स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। यही वास्तविक प्रगति का मार्ग है।
नोलाईपुरा स्थित समता भवन में शासन दीपक श्री चिन्मय जी महाराज सा. ने अपने प्रवचन में जीवन के इसी महत्वपूर्ण सूत्र को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि संसार में मुख्यतः दो तरह के व्यक्ति होते हैं—एक वे, जो हमेशा दूसरों से आगे निकलने की कोशिश में लगे रहते हैं और दूसरे वे, जो निरंतर स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं। दूसरों से आगे निकलने की होड़ में रहने वाला व्यक्ति अक्सर बेचैनी, विकार और अस्वस्थता से घिरा रहता है, जबकि स्वयं को प्रतिदिन बेहतर बनाने वाला व्यक्ति निरंतर आगे बढ़ता रहता है। महाराज सा. ने कहा कि तुलना व्यक्ति की प्रसन्नता छीन लेती है। इसलिए किसी दूसरे से अपनी तुलना करना उचित नहीं। हमें यह देखना चाहिए कि आज हम कल से कितने बेहतर हैं। यदि हमारी होड़ किसी से होनी ही है तो वह स्वयं से होनी चाहिए।
छठे स्थानक में गुरु दर्शन एवं प्रवचन श्रवण
जैन सोशल ग्रुप रतलाम ग्रेटर द्वारा आयोजित ‘प्रवचन श्रवण श्रृंखला—नई सोच, नई पहल’ के अंतर्गत इस वर्ष की श्रृंखला अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। इसी क्रम में आज ग्रुप के सदस्य नोलाईपुरा स्थित समता भवन पहुंचे। सभी सदस्यों ने साधु भगवंतों के दर्शन-वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा शासन दीपक श्री चिन्मय जी महाराज सा. के प्रेरणादायी प्रवचन का लाभ लिया।
श्रवण प्रवचन श्रृंखला के अंतर्गत ग्रुप सदस्यों द्वारा रतलाम शहर के विभिन्न स्थानकों में विराजित साधु-साध्वियों के दर्शन, वंदन एवं प्रवचन श्रवण का क्रम चलाया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण से जुड़ते हुए जीवन को संस्कारित, सकारात्मक और आनंदमय बनाना है।
प्रवचन श्रवण समिति के संजय चपरोट, मेघकुमार लूनिया, महेंद्र चोपड़ा, महेंद्र खमेसरा, वीरेंद्र पाटनी, राजेन्द्र सुराणा, अशोक चोपड़ा और ग्रुप पदाधिकारी अध्यक्ष संदीप चौरड़िया , उपाध्यक्ष नीलेश गोधा, सचिवद्वय यशवन्त पावेचा, प्रमोद धींग, कोषाध्यक्ष जितेश गेलड़ा ने इस प्रवचन श्रृंखला में पधारे सभी ग्रुप सदस्यों का आभार व्यक्त किया ।