13 सितम्बर को अभय प्रशाल में युवा पट्टाचार्य आचार्य श्री सुनील सागर जी का होगा प्रेरणादायी उद्बोधन

इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । ब्रह्म लिपि सत्कार समारोह एवं ‘सफलता वही जिसमें संस्कार सही’ (सक्सेस विद एथिक्स) कार्यक्रम को लेकर पूज्य आर्यिका श्री 105 सुभद्राभमति माताजी ने अपनी अमृतवाणी में युवाओं को सफलता का सही अर्थ समझाया। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आर्यिका श्री ने कहा – आज प्रत्येक व्यक्ति सफलता चाहता है, बड़ा करियर, बड़ा व्यवसाय, बड़ा पद। पर क्या इतना प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त है? यदि सफलता के साथ शांति नहीं, धन के साथ सार्थक जीवन नहीं, शक्ति के साथ सिद्धांत नहीं, तो क्या यह वास्तविक सफलता है?
उन्होंने आगे कहा कि इसी को समझने के लिए इंदौर में एक विशेष प्रेरणादायी कार्यक्रम ‘सक्सेस विद एथिक्स’ का आयोजन किया गया है। इस आयोजन के संयोजक संदीप जैन मोर्या स्टील ने बताया कि इस सत्र में वर्तमान के सबसे युवा पट्टाचार्य, ज्ञान और आनंद के परम धनी परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महामुनिराज अपने अनुभव के वह अनमोल मोती प्रदान करेंगे जो सफलता को दिशा, करियर को स्पष्टता और जीवन को उद्देश्य देंगे। इसी के साथ संघस्थ आर्यिका श्री ने सभी अधिकारियों, पेशेवरों, व्यवसायियों और युवाओं से इस कार्यक्रम में अवश्य पधारने की अपील की है।
विषय – सक्सेस विद एथिक्स
युवा पट्टाचार्य श्री सुनील सागर जी गुरुदेव का प्रेरणादायी उद्बोधन
“सच्ची सफलता वह नहीं कि आपने क्या पाया, बल्कि यह है कि आपने कैसे पाया।
आयोजन समिति ने रविवार, 13 सितम्बर 2026 को प्रात: 8:00 बजे से अभय प्रशाल, इंदौर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सभी गणमान्यजनों से आयोजन में सम्मिलित होने का आग्रह किय ाहै । इसी दिन ब्रह्म लिपि सत्कार समारोह एवं संध्या काल में संगीतमय भक्ति संध्या का भी आयोजन होगा।