सेठ हुकुमचंद जी की धर्म नगरी इंदौर में रचेगा धर्म का नया इतिहास, 16 से 25 सितम्बर तक जुटेगा 7,000 शिविरार्थियों का महाकुंभ।

इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। स्वच्छता में सिरमौर, सर सेठ हुकुमचंद जी अहिंसा की धर्म नगरी इंदौर इस बार जैन धर्म के सबसे बड़े महापर्व दसलक्षण महापर्व (16 सितम्बर से 25 सितम्बर 2026) पर एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक धार्मिक समागम का साक्षी बनने जा रहा है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू, इंदौर ने बताया कि शहर में पहली बार तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के विशेष आशीर्वाद एवं ससंघ परम सान्निध्य में 33वें ‘श्रावक संस्कार शिविर’ का भव्य ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। यह दस दिवसीय महासाधना शिविर सर सेठ हुकुमचंद जी की धर्म नगरी इंदौर में धर्म का नया इतिहास रचेगा।
7,000 शिविरार्थियों का महाकुंभ
दस दिवसीय महासाधना शिविर में देश-विदेश से 7,000 से अधिक शिविरार्थी सहभागिता करेंगे, जो मुनिश्री सुधासागर जी के ओजस्वी मुखारविंद से धर्म के मर्म को आत्मसात कर संयम और साधना का पाठ सीखेंगे।
80 साधु भगवंतों का पावन सान्निध्य
इस बार इंदौर की धरा पर पूज्य संतों की विशेष कृपा बरसने जा रही है। आयोजन में तीर्थ चक्रवर्ती मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के साथ-साथ प्रकृताचार्य आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज, आचार्य श्री सिद्धांत सागर जी महाराज, आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज एवं मुनि श्री साध्य सागर जी सहित लगभग 80 साधु भगवंतों का गरिमामय सान्निध्य और आशीर्वाद इंदौर शहर को प्राप्त हो रहा है। इतने विशाल संत वृंद की उपस्थिति से पूरा शहर भक्ति और अध्यात्म के रंग में सराबोर रहेगा।
अतिथि देवो भव: आहारदान का दुर्लभ अवसर
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के मयंक जैन ने कहा कि सकल जैन समाज के लिए यह अत्यंत परम सौभाग्य का क्षण है। इस विशाल शिविर में पधारे सभी 7,000 से अधिक शिविरार्थियों के वात्सल्यमयी भोजन की व्यवस्था का पुण्य लाभ प्राप्त करने के लिए समाजजनों में भारी उत्साह है।
शिविर के पुण्यार्जक चक्रवर्ती सेठ आकाश आलोक कोल परिवार एवं समाज के वरिष्ठों ने सभी नगरवासियों व समाजजनों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर शिविरार्थियों के आहारदान का महान पुण्य अर्जित करें।
सजेंगे जिनालय, गूंजेंगे भक्ति के तराने
दद्दू ने बताया कि 16 से 25 सितम्बर तक दसलक्षण पर्व के पावन अवसर पर इंदौर के सभी जिनालयों में भव्य एवं आकर्षक साज-सज्जा की जा रही है। दसों दिन सभी जैन मंदिरों में संगीतमय वातावरण में विशेष पूजन, विधान, शांतिधारा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
प्रतिदिन सायंकाल सामायिक, श्रीजी की आरती के साथ-साथ विविध धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। आचार्य श्री सुनील सागर जी एवं पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज एवं विशाल साधु वृंद के सानिध्य को लेकर पूरे शहर के जैन समाज में हर्ष और उत्साह की लहर है। सकल जैन समाज की ओर से आप सभी को दसलक्षण महापर्व की अग्रिम हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!