
जावरा। अंतर्राष्ट्रीय जैन दिवाकर विचार मंच के वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने बताया कि राष्ट्रसंत डॉ. कमल मुनि कमलेश की प्रेरणा से तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक विशाल एवं बहुआयामी जयप्रकाश जैन गौशाला चैरिटेबल ट्रस्ट के सेवा प्रकल्प का निर्माण किया जा रहा है। यह प्रकल्प गौसेवा के साथ शिक्षा, चिकित्सा, साधना एवं मानव सेवा का अनूठा संगम बनेगा। इस भूमि के दानदाता अंतर्राष्ट्रीय जैन दिवाकर विचार मंच के तमिलनाडु प्रांत के अध्यक्ष शीतल कुमार कोठारी है।
गुम्मिडीपोंडी तालुक के ओबासमुद्रम गांव में प्रस्तावित इस परिसर के लिए लगभग 60 हजार वर्गफीट भूमि निर्धारित की गई है। इसमें 50 हजार वर्गफीट का गौ अभयारण्य, दो विशाल गौशालाएं, पशुओं के लिए भोजन क्षेत्र एवं वॉशिंग एरिया की व्यवस्था रहेगी।
अभय सुराणा ने बताया कि प्रकल्प में 2-2 हजार वर्गफीट के स्कूल और अस्पताल, दो मंजिला उपासरा हॉल, डाइनिंग हॉल तथा दो मंजिला ध्यान एवं प्रवचन हॉल का भी प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त मंदिर, गोबर गैस प्लांट, कार्यालय एवं स्टाफ क्वार्टर, चारा एवं खाद्य भंडारण, सुरक्षा कक्ष तथा जल निकासी जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि यह प्रकल्प केवल गौशाला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि “गौसेवा से मानव सेवा” की भावना को साकार करने वाला सेवा केंद्र बनेगा। गौ माता के संरक्षण के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, आध्यात्मिक चिंतन और समाजसेवा को एक ही परिसर में जोड़ना इस प्रकल्प की विशेषता है।
“सेवा टू काऊ, सेवा टू ह्यूमैनिटी” के संदेश के साथ तैयार किए जा रहे इस प्रकल्प को राष्ट्रसंत डॉ. कमल मुनि कमलेश की अहिंसा, जीवदया और मानव कल्याण की प्रेरणा से जुड़ा महत्वपूर्ण सेवा कार्य बताया गया है।
अभय सुराणा ने कहा कि ऐसे प्रकल्प देशभर में गौ माता के संरक्षण और जीवदया की भावना को मजबूत करने के साथ समाज को सेवा का सकारात्मक संदेश देते हैं। उन्होंने प्रकल्प से जुड़े सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं दानदाताओं के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
आपने यह भी बताया कि राष्ट्र संत डॉ कमल मुनि कमलेश की प्रेरणा से देश भर में सैकड़ो गोशालाएं संचालित हो रही है। कई गौशालाओं तो जेलो में भी बहुत ही सुंदर ढंग से संचालित हो रही है।