धर्मचक्र व सिद्धीतप करने वाले तपस्वियों का सम्मान

रतलाम,14 सितंबर। परमात्मा की भक्ति करनी हो, तो मन, वचन, काया सभी से प्रभु के पास बैठना चाहिए। पहले हाथ जोडकर नमन करो और फिर एक दृष्टि से परमात्मा को वैसे ही देखे, जैसे आजकल मोबाइल देखते हो। दोनो हाथ जोडकर बैठोगे और प्रभु की वाणी को एकाग्रता से सुनोगे, तो वह फलदायी हो जाएगी।
यह बात मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य, रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय ने कही। पर्वाधिराज पर्यूषण के सातवे दिन मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में प्रवचन देते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा की सेवा का फल अवश्य मिलता है। परमात्मा की वाणी सुनने से ज्ञान मिलता और उससे त्याग में प्रवेश होता है। त्याग से मर्यादा आती और मर्यादा से पाप के रास्ते बंद हो जाते है। कर्मो की निर्झरा होती है, तो जीव अशुभ प्रवत्तियों में रूककर स्थिर हो जाता है और उससे ही सिद्धी प्राप्त होती है।
प्रवर्तकश्री ने कहा कि वितराग याने प्रभु की वाणी को दुष्ट प्रवृत्ति वाले अभवी जीव नहीं सुन सकते। मूढ व्यक्ति भी यदि सुनता और समझता है, तो स्वीकार नहीं करता है। संसार का स्वरूप समझने के लिए परमात्मा द्वारा बताए गए मार्ग पर चलना पडता है। उन्होंने कहा कि संसार के सत्य स्वरूप को समझना है, तो निर्मोही बनो। आसक्ति छूटेगी, ममता छूटेगी, तो कल्याण होगा। अन्यथा मोह में रहोगे, तो कभी आत्म स्वरूप को नहीं जान पाओगे। आत्म तत्व को जानने के लिए मोह, मान, माया सबसे मुक्त होना आवश्यक है।
आरंभ में प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा एवं महासती श्री चंदनबालाजी मसा ने संबोधित किया। महासती श्री विभाजी मसा ने शास्त्र का पाठ किया। प्रवर्तकश्री से तपस्वियों ने अलग-अलग तपस्या के प्रत्याख्यान लिए। इससे पूर्व चातुर्मास आयोजन समिति की और से धर्मचक्र एवं सिद्धीतप करने वाले 40 से अधिक तपस्वियों का सम्मान किया गया। धर्मसभा के दौरान प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8, महासती श्री चंदनबालाजी मसा, महासती श्री कल्पनाजी मसा एवं सेवाभावी श्री दर्शनमुनिजी मसा मंचासीन रहे। संचालन रखब चत्तर ने किया गया। इस अवसर पर श्री धर्मदास जैन श्री संघ के सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण उपस्थित रहे।