नवाचार को अभियंता का कर्तव्यबोध बनाकर नई संभावनाओं की तलाश करें विद्यार्थी : अनिल झालानी


रतलाम। भारत के महान अभियंता एवं भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर सृजन महाविद्यालय, रतलाम में अभियंता दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से रोहित डांगी * को उनके *विंडमिल इनोवेशन के लिए प्राप्त राज्य स्तरीय पुरस्कार तथा राघव चौधरी के इनहेलर ट्रैकिंग इनोवेशन का जापान के प्रतिष्ठित सकुरा साइंस प्रोग्राम के लिए चयन होने पर सृजन महाविद्यालय की ओर से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संस्था चेयरमैन एवं सृजन भारत के संयोजक अनिल झालानी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार अभियंता का केवल कौशल नहीं, बल्कि उसका कर्तव्यबोध भी है। आज का भारत तेजी से बदल रहा है और देश के सामने नई आवश्यकताएँ एवं नई चुनौतियाँ हैं। ऐसे समय में युवाओं को केवल रोजगार की तलाश करने के बजाय अपनी प्रतिभा और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से नई संभावनाएँ तलाशने तथा समस्याओं के समाधान खोजने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखते रहने, प्रयोग करने और अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहने का आह्वान किया।
उन्होंने सृजन महाविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि *आज का विद्यार्थी ही कल के भारत की तकनीकी दिशा तय करेगा। इसलिए जिज्ञासा, कल्पनाशीलता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समाज के प्रति जिम्मेदारी को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था प्राचार्य डॉ. जे. एस. यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन जुबेर आलम ने किया। संस्था समन्वयक निसर्ग दुबे ने विद्यार्थियों को अभियंता के दायित्वों एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति सजग रहने का संकल्प दिलाया तथा अंत में आभार व्यक्त किया। अभियंता दिवस का यह आयोजन डॉ. विश्वेश्वरैया के योगदान को स्मरण करने के साथ-साथ रतलाम की युवा नवाचारी प्रतिभाओं को पहचान देने और विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच एवं राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करने की दिशा में सार्थक पहल रहा।