
इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। 33वें श्रावक संस्कार शिविर एवं दसलक्षण महापर्व के अंतर्गत दलाल बाग में आयोजित धर्मसभा में मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने उत्तम मार्दव धर्म पर मार्मिक प्रवचन दिया।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि गुरुदेव ने कहा कि मार्दव केवल मीठा बोलना नहीं, मन के अहंकार को समाप्त करना है। मनुष्य जितना बड़ा बनता है, उसमें उतनी ही विनम्रता आनी चाहिए। फलदार वृक्ष ही झुकता है, ठूंठ नहीं।
उन्होंने कहा – जहाँ अहंकार है वहाँ रिश्ते टूटते हैं, जहाँ विनम्रता है वहाँ प्रेम बढ़ता है। भगवान बनने की यात्रा अहंकार से नहीं, विनय से शुरू होती है। पहले गुरु के सामने, फिर माता-पिता और गुणवानों के सामने झुकना सीखो, अंत में अपने अहंकार को झुकाना सीखो। शिवराथी
श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि पद, धन और विद्या का अहंकार नहीं करेंगे और जीवन में विनम्रता अपनाएंगे।
धर्मसभा में चक्रवर्ती अध्यक्ष मनीष सपना गोधा आनंद गोधा, हुकम काका अशोक डोशी, हर्ष जैन, राजेश जैन दद्दू, विजय धुर्रा संजय पाटोदी राहुल सेठी सहित हजारों श्रावक उपस्थित थे।