आगरा में जैन मुनि श्री समत्वसागर महाराज के साथ दुर्व्यवहार

राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ ने किया तीव्र विरोध, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

इंदौर/आगरा (राजेश जैन दद्दू) । पर्वराज पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस ही उत्तर प्रदेश के आगरा के छीपीटोला क्षेत्र में चातुर्मास रत श्रंमण संस्कृति के महामहिम संत के कुल गौरव शिष्य परम पूज्य मुनि श्री सम्तव सागर जी महाराज के साथ हुई दुर्व्यवहार की घटना ने समस्त भारत वर्षीय जैन समाज को झकझोर कर रख दिया है।राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू , राकेश गोहिल,मंयक जैन ने इस कायरतापूर्ण घटना की घोर निंदा करते हुए तीव्र आक्रोश व्यक्त करता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आगरा के छीपीटोला इलाके में अहिंसा परमो धर्म का संदेश देने वाले, ‘गूगल बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध, परम पूज्य जैन मुनि श्री 108 समत्वसागर जी महाराज के साथ कथित रूप से मारपीट एवं दुर्व्यवहार की घटना सामने आई। दद्दू ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही भारत वर्षीय सकल जैन समाज में भारी आक्रोश फैल गया और आगरा में बड़ी संख्या में समाजजन सड़क पर उतर आए। आक्रोशित समाजजनों ने छीपीटोला में चक्का जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ कर भीड़ से अलग कर अपनी हिरासत में लिया है।

गिरफ्तार आरोपी

  1. नितिन शिवहरे
  2. मोतीलाल शिवहरे

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ की तीखी प्रतिक्रिया –
इस घटना पर राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन, एवं धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू, इंदौर ने कहा कि –
“जैन मुनि नग्न दिगंबर मुद्रा में अहिंसा, करुणा और विश्व शांति का प्रतीक हैं। धार्मिक पर्व पर्युषण के दौरान जैन मुनि के साथ इस प्रकार का व्यवहार बेहद गंभीर और निंदनीय है। यह केवल एक मुनि पर हमला नहीं, बल्कि भारत की संत-संस्कृति और धर्माचार्यों के सम्मान पर हमला है।”

संघ ने उत्तर प्रदेश सरकार और आगरा प्रशासन से मांग की है कि –

  1. दोनों आरोपियों पर रासुका (NSA) एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने की सुसंगत धाराओं में कठोरतम कानूनी कार्रवाई हो।
  2. भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जैन संतों की विहार सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल बनाया जाए।
  3. दोषियों को ऐसी सजा दी जाए कि भविष्य में कोई भी धर्माचार्य के अपमान की हिम्मत न कर सके।

जैन समाज की मांग – दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।संघ ने समस्त जैन समाज से शांति बनाए रखते हुए, अहिंसक तरीके से न्याय की मांग करने की अपील की है। धर्माचार्यों का सम्मान, समाज की अस्मिता – यही है हमारी पहचान।जब तक सुरज चांद रहेगा तब तक मुनियों का सम्मान रहेगा।

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