मानवीय गुणों का विकास जीवन का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

मेहसाना (सीमंधर स्वामी जैन मंदिर 15 मई 2021) । मानवीय गुणों का विकास जीवन का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए इंसानियत जिसें नहीं आती है उसका विश्व के किसी धर्म में प्रवेश नहीं है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश में राष्ट्रीय मुस्लिम हिंसा मंच नई दिल्ली द्वारा आयोजित ईद मुबारक समारोह को संबोधित करते कहा कि आज जानवरों से भी ज्यादा भय मानव से मानव को लग रहा है। उन्होंने कहा कि जिस्म के रोम-रोम में मोहब्बत का निवास होगा तभी प्रेम करुणा वात्सल्य छलकेगा उसी का नाम सच्चा धर्म है ।
राष्ट्रसंत कमलेश ने कहा कि प्रत्येक मजहब इंसान ही नहीं प्राणी मात्र से प्रेम करने का संदेश देता है मानव होकर जो मानव से प्रेम न कर सके वह भला क्या खुदा और भगवान से प्यार करेगा ।
राष्ट्रसंत स्पष्ट कहा कि मोहम्मद पैगंबर का संदेश निर्दोष की रक्षा करना किसी को सताने की इजाजत कोई धर्म नहीं देता ।
राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने इजराइल और फिलिस्तीन के बीच भड़की हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त करते कहा कि इसका दुष्प्रभाव प्रकृति के जर्रे जर्रे पर पड़ेगा सोचने मात्र से रूह कांप उठती है तत्काल युद्ध बंद हो निर्दोष पर रहम करें, समस्याएं आपस मैं बैठकर सुलझाए। संयुक्त राष्ट्र संघ तत्काल हस्तक्षेप करें । हिंसा को रोकने के लिए मजहब के नाम पर एक कतरा खून बहना भी कलंक और शर्मनाक घटना है । राष्ट्रीय मुस्लिम समाज के प्रमुख अख्तर भाई रावल अब्बास अली अख्तर भाई रावल सभी ने विश्व शांति के लिए दुआएं की ।

Play sound