- “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” की थीम पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम
- मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार ने रेलवे स्कूल में विद्यार्थियों से संवाद कर स्वच्छता के महत्व पर चर्चा की
रतलाम । पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल पर स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2026 तक स्वच्छता ही सेवा अभियान एवं स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” है। अभियान के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों, ट्रैक, रेलवे कॉलोनियों, कार्यालयों, कार्यशालाओं, डिपो, रेलवे चिकित्सालयों, विद्यालयों सहित विभिन्न रेलवे परिसरों में स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान में रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों, विद्यार्थियों, परिवारों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार ने रेलवे स्कूल में विद्यार्थियों से संवाद कर स्वच्छता के महत्व पर चर्चा की तथा उन्हें स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता एक सतत् प्रक्रिया है जिसमें केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घर, विद्यालय एवं आसपास के परिसर को स्वच्छ रखने तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अभियान के दौरान स्वच्छता लक्षित इकाइयों एवं कचरा संवेदनशील स्थानों की पहचान कर उनका समयबद्ध रूप से कायाकल्प किया जाएगा। ऐसे स्थानों की सफाई के साथ उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार स्वच्छता संदेश एवं सेल्फी प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। रेलवे परिसरों में स्वच्छ सार्वजनिक स्थानों के अंतर्गत प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज, प्रतीक्षालय, पेयजल स्थल, टिकट काउंटर, सर्कुलेटिंग एरिया, ट्रेन के कोच एवं शौचालय, ट्रैक एवं यार्ड, रेलवे कॉलोनियां, कार्यालय, कार्यशालाएं, डिपो, चिकित्सालय एवं विद्यालयों में विशेष स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
17 एवं 18 सितम्बर को ‘स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता’ के अंतर्गत रेलवे विद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों को स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों के लिए स्वच्छता शपथ, स्वच्छता संबंधी संवाद, निबंध, पोस्टर, स्लोगन एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को रेलवे की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं, बायोगैस प्लांट, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, कोच वॉशिंग लाइन एवं वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट आदि का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा।
19 एवं 20 सितम्बर को स्वच्छता लक्षित इकाइयों एवं कचरा संवेदनशील स्थानों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रेलवे परिसरों में चिन्हित कठिन एवं गंदे स्थानों से कचरे का निस्तारण कर उन्हें स्वच्छ एवं उपयोगी बनाया जाएगा। इसके साथ ही स्टेशन परिसरों में स्वच्छता के प्रति यात्रियों एवं कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक गतिविधियां की जाएंगी।
21 एवं 22 सितम्बर को ‘स्वच्छ स्टेशन एवं स्वच्छ रेलगाड़ी’ के अंतर्गत स्टेशनों तथा ट्रेनों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। प्रमुख स्टेशनों पर सफाई मशीनों, उपकरणों एवं सफाई कर्मियों के लिए सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित की जाएगी। प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज, प्रतीक्षालय, नालियों एवं शौचालयों की गहन सफाई के साथ सूखे एवं गीले कचरे के पृथक्करण पर जोर दिया जाएगा। ट्रेनों में कोच के अंदर एवं बाहर, शौचालयों, लिनेन तथा पैंट्री कार की स्वच्छता की विशेष जांच की जाएगी।
23 एवं 24 सितम्बर को जनभागीदारी के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, कचरे के चार-स्तरीय पृथक्करण, कम्पोस्टिंग तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। रेलवे कॉलोनियों में घर-घर जागरूकता, होम कम्पोस्टिंग तथा बायो-कम्पोस्ट सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। स्टेशन परिसर में कपड़े के थैलों के उपयोग तथा प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
25 एवं 26 सितम्बर को ‘स्वच्छता के लिए खेल एवं कार्यक्रमोत्तर स्वच्छता’ के अंतर्गत खेल गतिविधियों के साथ स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विरासत एवं अधिक यात्री आवागमन वाले पर्यटन एवं तीर्थस्थल रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
28 एवं 29 सितम्बर को ‘स्वच्छता से समृद्धि’ के अंतर्गत रेलवे में उत्पन्न अनुपयोगी सामग्री एवं स्क्रैप के रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। ‘कबाड़ से जुगाड़’ एवं ‘कबाड़ से कला’ के माध्यम से पुराने सिग्नलिंग उपकरण, कोच के अनुपयोगी हिस्सों, धातु स्क्रैप आदि से उपयोगी वस्तुएं एवं कलात्मक संरचनाएं तैयार करने के साथ प्लास्टिक रीसाइक्लिंग तथा RRR प्रकार के संग्रहण केंद्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
30 सितम्बर को ‘सफाई मित्र सुरक्षा सेवा एवं सम्मान शिविर’ आयोजित किया जाएगा। इसमें सफाई कर्मियों एवं उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य जांच, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण एवं सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने तथा पात्र कर्मियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में गतिविधियां की जाएंगी। स्वच्छता में योगदान देने वाले सफाई मित्रों एवं स्वच्छाग्रहियों का सम्मान भी किया जाएगा।
1 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के तहत रेलवे स्टेशनों, यार्ड, कॉलोनियों एवं ट्रैक किनारे के क्षेत्रों में सामूहिक श्रमदान एवं प्लॉगिंग अभियान आयोजित किया जाएगा। इसमें रेलवे कर्मचारी, रेल सुरक्षा बल, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन एवं आमजन भाग लेंगे। यात्रियों से भी ‘मेरी सीट मेरा डिब्बा’ संदेश के माध्यम से ट्रेन एवं स्टेशन की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की जाएगी।
2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर प्रमुख स्टेशनों एवं रेलवे कॉलोनियों में ‘स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत’ संदेश के साथ प्रभात फेरी एवं स्वच्छता रथ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टेशनों, इकाइयों, ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ टीमों एवं स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा तथा स्वच्छता शपथ दिलाई जाएगी। चिन्हित स्वच्छता लक्षित इकाइयों पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ के अंतर्गत पौधरोपण भी किया जाएगा।
3 से 5 अक्टूबर तक प्रमुख एवं अधिक यात्री आवागमन वाले स्थानों पर तीन दिवसीय गहन सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज, कॉनकोर्स, सीढ़ियों, प्रवेश एवं निकास द्वार, सर्कुलेटिंग एरिया एवं पार्किंग स्थलों की डीप स्क्रबिंग एवं प्रेशर वॉशिंग की जाएगी। सार्वजनिक शौचालयों, नालियों, डस्टबिन, प्रतीक्षालयों, रिटायरिंग रूम, रनिंग रूम तथा कार्यालय परिसरों की भी गहन सफाई की जाएगी। जहां उपलब्ध हों, वहां स्क्रबर-ड्रायर, हाई प्रेशर जेट वॉशर एवं अन्य यांत्रिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।
6 से 8 अक्टूबर तक ट्रैक किनारे एवं पुराने कचरा स्थलों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ट्रैक किनारे जमा कचरे, प्लास्टिक एवं स्क्रैप को हटाने, झाड़ियों एवं अनुपयोगी सामग्री की सफाई तथा चिन्हित पुराने कचरा स्थलों का पूर्ण रूप से कायाकल्प करने की कार्रवाई की जाएगी। एकत्रित कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग श्रेणियों में पृथक कर अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
9 एवं 10 अक्टूबर को अनधिकृत पोस्टर, बैनर तथा पान-गुटखा के दागों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्टेशनों, फुट ओवर ब्रिज, सबवे, दीवारों एवं रेलवे कॉलोनियों से अनधिकृत पोस्टर एवं बैनर हटाए जाएंगे तथा पान-गुटखा के दाग एवं अन्य गंदगी वाले स्थानों की विशेष सफाई की जाएगी। साफ किए गए स्थानों पर स्वच्छता संबंधी संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे।
11 से 15 अक्टूबर तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनुपालन पर विशेष जोर रहेगा। रेलवे कर्मचारियों, ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ, पैंट्री एवं कैटरिंग स्टाफ, स्टेशन वेंडरों तथा ठेकेदारों को कचरे के पृथक्करण एवं निस्तारण संबंधी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्टेशनों, ट्रेनों, पैंट्री एवं कॉलोनियों में गीला, सूखा, सैनिटरी एवं विशेष देखभाल वाले कचरे के चार-स्तरीय पृथक्करण की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। रेलवे इकाइयों को बलक वेस्ट जनरेटर के रूप में चिन्हित एवं पंजीकृत करने तथा उपलब्ध अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं की मैपिंग पर भी कार्य किया जाएगा। अभियान के समापन पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना एवं अनुपालन स्थिति तैयार की जाएगी।
इस अभियान के माध्यम से रतलाम मंडल में स्वच्छता को केवल एक अभियान तक सीमित न रखते हुए निरंतर स्वच्छता, कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, जनभागीदारी और स्वच्छ पर्यावरण को दैनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जाएगा।