अमेरिका के सेंट लुइस में रतलाम के सपन और स्मिता ने की पर्युषण आराधना




रतलाम । जैन धर्म का महानतम पर्व ‘पर्युषण’ केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सात समंदर पार अमेरिका में भी पूरी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। अमेरिका के मिसौरी राज्य स्थित सेंट लुइस शहर में 250 से अधिक जैनियों ने एकजुट होकर पर्युषण पर्व की आराधना की।
इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में मध्य प्रदेश के रतलाम के सपन जैन पावेचा एवं स्मिता जैन ने विशेष रूप से शिरकत की। दोनों ने विदेश में रहते हुए भी अपनी धर्म-संस्कृति और भारतीय परंपराओं को जीवंत रखा। उन्होंने पर्युषण पर्व की दैनिक आराधना में बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा संवत्सरी पर्व पर तप-तपस्या करते हुए उपवास रखा एवं सर्व-जीवों से क्षमापना (क्षमावाणी पर्व) की।
जैन एकता का प्रतीक: जैन सेंटर ऑफ सेंट लुइस
सपन जैन पावेचा ने जानकारी देते हुए बताया कि यहाँ ‘हिंदू टेंपल’ परिसर के साथ स्थित ‘जैन टेंपल’ में पर्युषण पर्व अत्यंत श्रद्धापूर्वक मनाया गया। ‘जैन सेंटर ऑफ सेंट लुइस’ उत्तर अमेरिका में जैन एकता की अनूठी मिसाल है, जहाँ भगवान श्री पार्श्वनाथ स्वामी और भगवान श्री महावीर स्वामी एक ही छत के नीचे विराजित हैं।
विद्वान डॉ. पौराणिक शाह के सानिध्य में संपन्न हुई आराधना
इस वर्ष सेंट लुइस जैन संघ में पर्युषण पर्व के मुख्य वक्ता एवं आराधक के रूप में अहमदाबाद (गुजरात) के प्रख्यात जैन विद्वान डॉ. पौराणिक वीरेंद्रभाई शाह उपस्थित रहे। प्राकृत, संस्कृत, तत्त्वार्थ सूत्र और जैन दर्शन के गहन ज्ञाता डॉ. शाह ने प्रवचन, प्रतिक्रमण और जैन पूजन विधियों के माध्यम से अमेरिका में बसे श्रद्धालुओं को भक्ति-गंगा में सराबोर किया।
डॉ. पौराणिक शाह अहमदाबाद के रहने वाले जैन विद्वान, शिक्षक और धार्मिक वक्ता हैं। उनकी प्राकृत, संस्कृत, जैन दर्शन और जैन शास्त्रों में मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि है। उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्रों में जैन पूजन, प्रवचन, प्रतिक्रमण, धार्मिक अनुष्ठान और एंकरिंग शामिल हैं। वर्ष 2007 से वे विभिन्न संस्थानों और पाठशालाओं में जैन साधु-साध्वियों, श्रावक-श्राविकाओं और विद्यार्थियों को प्राकृत, संस्कृत, जैन तत्त्वज्ञान, तत्त्वार्थ सूत्र, जैन साहित्य और धार्मिक अध्ययन करा रहे हैं। सात वर्षों की अवधि में 500 से अधिक जैन साधुओं और साध्वियों ने उनके मार्गदर्शन में अध्ययन किया है।
टोरंटो (कनाडा) में भी दिखा धर्म प्रभावना का उत्साह
रतलाम निवासी तथा वर्तमान में टोरंटो (कनाडा) में निवासरत सोहिल जैन और सुरभि जैन ने बताया कि टोरंटो में 2-3 भव्य जैन मंदिर स्थित हैं, जहाँ श्री सिमंधर स्वामी मूलनायक रूप में तथा श्री पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमाएँ विराजमान हैं। यहाँ विशाल परिसर में दिगंबर और श्वेतांबर दोनों परंपराओं के मंदिर स्थित हैं। इसके साथ ही नियमित जैन पाठशाला भी संचालित होती है, जहाँ बच्चे धर्म का ज्ञान अर्जित करते हैं।
शुभकामनाएँ प्रेषित कीं
विदेश में भारतीय संस्कृति और जैन परंपराओं का परचम लहराने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजेंद्र कोठारी एवं समाजजनों ने सपन जैन पावेचा, स्मिता जैन, सोहिल जैन, सुरभि जैन सहित अमेरिका व कनाडा में बसे सभी जैन परिवारों को पर्युषण व संवत्सरी महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ प्रेषित किया।