
इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । परम सौभाग्य का अवसर! सर सेठ हुकुमचंद जी की धर्म नगरी में विराजित श्रंमण संस्कृति के महाश्रमण निर्यापक मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के पावन संघ में एक और बालव्रहमचारी आत्मा ने मोक्ष मार्ग पर उड़ान भरने का दृढ़ संकल्प लिया है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मध्यप्रदेश के मुंगावली नगर निवासी भैया जी अमन जैन सांसारिक बंधनों को छोड़कर मुनि संघ में प्रवेश कर अपने जीवन को संयम, तप और मोक्ष मार्ग की साधना के मार्ग पर ले जाने जा रहे हैं। यह इंदौर ही नहीं, सम्पूर्ण जैन समाज के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि यह केवल , एक आत्मा का संसार से सन्यास लेकर आत्म-कल्याण की ओर महाप्रस्थान है। इस पावन एवं ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने हेतु इंदौर में विशेष मांगलिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं । आज शाम 4:00 बजे – भव्य मेहंदी कार्यक्रम रात्रि 7:30 बजे – जिज्ञासा समाधान के पश्चात भव्य बिनौली यात्रा देशना मंडप से तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर जिनालय। धर्म प्रभावना समिति के प्रमुख आनंद नवीन गोधा, हर्ष जैन, आकाश कोल सपना मनीष गोधा एवं भुपेंद्र जैन कमल जैन विपुल बाझलं एवं श्रीमती मुक्ता जैन सोनाली बागढीया आदि ने समाज जन एवं गुरुभक्तों से निवेदन किया कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर भैया जी के वैराग्य भाव की अनुमोदना करें और पुण्य अर्जन करें।
यह दृश्य देखना अलौकिक होगा जब एक युवा अपने हाथों की मेहंदी को संयम के रंग में रंगने जा रहा है। *”सांसारिक बंधन छूट रहे हैं, मोक्ष की राह पर कदम बढ़ रहे हैं। दद्दू ने आह्वान करते हुए धर्म प्रेमी समस्त समाजजनों से विनम्र आग्रह – आइए, हम सब मिलकर इस वैरागी पंछी को अपनी शुभकामनाओं और मंगल भावनाओं के साथ विदा करें।
वैराग्य की ओर बढ़ते अमन भैया की जय!
मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज की जय!