

जावरा (अभय सुराणा) । श्री वर्धमान स्थानक वासी जैन श्रावक संघ जावरा की आयोजित तीन दिवसीय संत दर्शन यात्रा का शुभारंभ 24 सितंबर को शाम 7 बजे गीता भवन, जावरा से “जय महावीर” एवं “जग में चमके जैन दिवाकर” के जयकारों के उद्घोष के साथ यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा में 71 श्रावक-श्राविकाओं ने विभिन्न स्थानों पर विराजित संत-सतियों के दर्शन-वंदन एवं प्रवचन का लाभ लिया।
यात्रा के दौरान प्रमुख रूप से भीलवाड़ा में विराजित युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषिजी म सा , कठार में साध्वी श्री शांताजी महारा. सा. तथा नाथद्वारा में पूज्य उपाध्याय डां. श्री गौतम मुनिजी म .सा. निम्बाहेड़ा में पूज्य साध्वी अरुणप्रभा जी म सा चित्तौड़ में प्रतिभा जी महाराज साहब एवं दलोदा में डॉक्टर सुशील जी एवं प्रियदर्शना जी के दर्शन-वंदन एवं प्रवचन का लाभ प्राप्त हुआ।
2027 चातुर्मास के लिए जावरा श्री संघ की भावपूर्ण विनती
नाथद्वारा में आयोजित धर्मसभा में 2027 के चातुर्मास के लिए जावरा श्री संघ की ओर से विशेष रूप से भावपूर्ण विनती रखी गई। इस अवसर पर जावरा श्री संघ के वरिष्ठ श्रावक श्री शांतिलाल दुग्गड़ एवं श्री पुखराज कोचट्टा का श्री संघ, नाथद्वारा की ओर से बहुमान किया गया।
वरिष्ठ श्रावकों की अगवानी में जावरा श्री संघ के सदस्यों ने पूज्य गुरुदेव को 2027 चातुर्मास हेतु विनती-पत्र भेंट किया। इसके पश्चात श्री संघ की ओर से चातुर्मास की भावपूर्ण विनती प्रस्तुत की गई विनती के क्रम में श्री सुजानमल कोचट्टा ने गुरुदेव के प्रति जावरा श्री संघ की श्रद्धा, भक्ति एवं समर्पण को अभिव्यक्त करते हुए एक गीत के माध्यम से भावपूर्ण विनती रखी और वर्ष 2027 में चातुर्मास हेतु जावरा पधारने का आग्रह किया।
इसके पश्चात श्री संघ के पूर्व महामंत्री सुभाष टुकड़िया ने कहा कि जिस प्रकार उज्जैन में 12 वर्षों के अंतराल में सिंहस्थ का आयोजन होता है, उसी प्रकार जावरा भी लंबे अंतराल के बाद एक ऐतिहासिक चातुर्मास रूपी सिंहस्थ की अभिलाषा रखता है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव का चातुर्मास जावरा को प्राप्त होने पर श्री संघ उनकी सेवा-भक्ति में कोई कमी नहीं आने देगा ट्रस्ट अध्यक्ष श्री राकेश मेहता ने कस्तूर मुनि पावन धाम के निर्माण कार्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि गुरुदेव की ओर से चातुर्मास की स्वीकृति का आदेश प्राप्त होता है, तो यह पावन धाम के निर्माण को निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करने के लिए श्री संघ के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा का माध्यम बनेगा और वर्ष 2015 में हुए गुरुदेव के जावरा चातुर्मास की धर्म आराधना एवं उसकी स्मृतियों का उल्लेख करते हुए पुनः वर्ष 2027 के चातुर्मास हेतु भावपूर्ण विनती रखी विनती पर पूज्य उपाध्याय श्री गौतम मुनिजी ने कहा, “आपकी विनती हमारी झोली में है। समय और परिस्थितियों के अनुरूप जब अवसर बनेगा, तब आपको अपना आदेश प्रदान करेंगे।” गुरुदेव के इन भावपूर्ण शब्दों से जावरा श्री संघ में श्रद्धा एवं उत्साह का संचार हुआ।यात्रा के समापन अवसर पर निंबाहेड़ा में आयोजित 1008 जोड़ों के सामूहिक पेसठिया जाप में भी जावरा श्री संघ ने पूज्य तपचकेश्वरी आयंबिल तप आराधिका महासाध्वी श्री अरुणप्रभाजी महाराज सा के पावन सानिध्य में सहभागी बनकर धर्मलाभ लिया।यात्रा में सहभागी सभी श्री संघ के सदस्यों के प्रति यात्रा संयोजक श्री सुभाष टुकड़िया एवं श्री सुशील चपड़ोद ने आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग एवं सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उक्त जानकारी राकेश मेहता ने दी।