राष्ट्रीय कवि श्री राजेंद्र श्रोत्रिय ने जावरा ही नहीं विदेशों में भी अपनी ख्याति का डंका बजाया

जावरा (अभय सुराणा) । जावरा नगर साहित्य तथा अन्य विधाओं के क्षेत्र में सदैव समृद्ध रहा है। स्वर्गीय श्री दिनकर सोनवलकर का पुण्य स्मरण सदैव रहता है।उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का दायित्व पूर्ण कर रहे हैं राष्ट्रीय कवि राजेंद्र श्रोत्रिय। श्री श्रोत्रिय ने जावरा ही नहीं अपितु देश भर के राष्ट्रीय मंचो पर कविता पाठ कर नगर के नाम को गौरवान्वित किया है।आपकी कविताओं का प्रसारण देश भर के मुख्य चैनल के साथ साथ आकाश दूरदर्शन चैनल से भी होता रहता है।
आप सामयिक घटना लेखन में माहिर है,यही नहीं आपने नीदरलैंड की राजधानी डिहेग में भी कविता पाठ कर जावरा नगर का नाम रोशन किया है।आप मालवीय रचना के भी सशक्त हस्ताक्षर से परिपूर्ण हैं।आपने कोरोना काल में अपने गीतों व कविता से आम आदमी को जागरुक कर रचना धर्मिता का दायित्व निभाया है,आपके मनोरंजक मालवीय गीतों को बहुत सराहा गया है।आपके गीतों को सोशल मीडिया पर सुनने वालों की संख्या हजारों में है।आपकों वरिष्ठ कवि गीत ऋषि कहकर भी संबोधित करते हैं।आप शब्द साधक मालवीय रत्न जैसे सम्मान के साथ अनेक संस्थाओं से सम्मानित हो चुके हैं। आपके जीवन का नेटवर्क कृति के साथ कई पत्र-पत्रिकाओं का लेखन संपादन भी कर चुके हैं, शीघ्र ही आपकी मालवीय कृति एवम् हिंदी कविता की पुस्तक प्रकाशित होने वाली है।आप कवि के साथ पत्रकार, गायक,आर्टिस्ट भी है, निश्चित रूप से कोरोना काल की कविताएं आम आदमी के ह्रदय पटल पर अंकित होकर अपनी छाप छोड़ेंगी।राजेंद्र श्रोत्रिय नगर की साहित्यिक प्रतिभा है,जो अपनी कविता से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नगर को पहचान दिला रहे है,जो जावरा नगर के लिए गौरव का विषय है।आपकी लेखनी सदैव सामाजिक राजनीतिक चित्रों को उकेरती रहें ऐसी कामना है। मध्यप्रदेश के जावरा नगर में ऐसी बिरले व्यक्तित्व वाली प्रतिभा का होना वास्तव में नगर के लिए गौरव की बात है।

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