गुना में ब्रह्मचारी विनोद भैया के भजनों से सजी भक्ति संध्या का आयोजन संपन्न

गुना (राजेश जैन दद्दू) । हाल ही में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप मेन (गुना)के तत्वावधान में भजन सम्राट ब्रह्मचारी विनोद भैया की भजन संध्या का भव्य आयोजन हुआ जिसमें भैया जी के आध्यात्मिक भजनों और भावपूर्ण संदेश परक फिल्मी गीतों की प्रस्तुति ने आयोजन स्थल विद्यासागर पार्क में उपस्थित श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
भजन संध्या का शुभारंभ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण से हुआ।इसके बाद भजनानंदी विनोद भैया जी ने मधुर आवाज में वैराग्यमय भजन चार दिनों की प्रीत जगत में चार दिनों के नाते हैं/पलकों पे पर्दे पढ़ते ही सब नाते मिट जाते हैं/जिनकी चिंता में तू जलता है वे ही चिता जलाते हैं सुना कर श्रोताओं की भरपूर दाद बटोरी। इसके बाद भैयाजी ने एक से बढ़कर एक भजन और श्रोताओं की फरमाइश पर गीतकार प्रदीप, रवींद्र जैन, मन्नाडे, पंकज उदास, जगजीत सिंह,आदि गायको के कुछ प्रसिद्ध गीत एवं भजन भी सुनाए। फिल्म नास्तिक का गीतकार प्रदीप द्वारा गाया गीत देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान/ कितना बदल गया इंसान जब विनोद भैया ने सुनाया तो श्रोता भी साथ गुनगुनाने लगे।
इसके बाद भैया जी ने एक डोली चली एक अर्थी चली/फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी/विद्यासागर मेरे सिंधु हैं ज्ञान के,ज्ञान का इनमें कोई ठिकाना नहीं/अपने दिल में इन्हें याद रख ना सका/एक पल को भी इनको भूलाना नहीं। पंकज उदास की प्रसिद्ध रचना अपना हो या बेगाना, एक वो भी था जमाना, एक यह भी है जमाना/और दुख सुख का खेल सबका, अपना हो या बेगाना,और बड़े दिनों के बाद वतन से चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है सुनाया और जब रविंद्र जैन की प्रसिद्ध रचना बाहुबली भगवान का मस्तकाभिषेक महामस्तकाभिषेक/धन्य धन्य वे लोग यहां जो आज रहे सिर टेक सुनाया तो कई श्रोता तालियां बजाते तो कभी झूमते, नाचते या गीत गुनगुनाते नजर आए। अंत में भैया जी ने आचार्य श्री की स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरुप यह दर्दीला गीत प्रस्तुत किया कि उन्हें मृत्यु ने हमें मृत्यु के समाचार ने मारा जिसे सुनते हुए कई श्रोताओं के नेत्र सजल हो गए।
प्रारंभ मे भैया जी का स्वागत अमित जैन एडवोकेट एवं सपन जैन (शरद एजेंसी) ने किया। आभार ग्रुप अध्यक्ष राकेश जैन (रत्नश्री) ने माना। इस अवसर पर विशेष रूप से डॉक्टर जैनेंद्र जैन इंदौर, सुनील जैन (लीची), अनिल बजाज(बट्टू), पूर्व पार्षद श्रेयांश जैन, राजू पंसारी, राकेश जैन सारथी, प्रमोद महाना, जय वीर राजा, एवं श्रीमती शशि बजाज (पिंकी), सरिता महाना, ज्योति जैन आदि समाज श्रेष्ठी उपस्थित थे।

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