धर्मगुरु चार दीवार में बैठे रहे और मानवता डूब गई तो धर्मस्थल के दरवाजे कौन खोलेगा – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

मेहसाना (सिमंधर स्वामी जैन मंदिर 20 मई 2021)। सभी धर्म गुरु का कर्तव्य है मंदिर मस्जिद की चारदीवारी से बाहर निकलकर बिना भेदभाव के संपूर्ण मानवता की रक्षा का संकल्प लें उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने आचार्य प्रवर हस्तीमल जी महाराज साहब की पुण्यतिथि पर संबोधित करते कहा कि धर्मगुरु चार दीवार में बैठे रहे और मानवता डूब गई तो धर्मस्थल के दरवाजे कौन खोलेगा ।
उन्होंने कहा कि भगवान से बढ़कर भक्त है भक्त के अंदर ही भगवान का निवास है भक्ति के वश में विद्यमान है
राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने कहा कि भक्तों की दुर्दशा को अनदेखा करके भगवान की पूजा करना मुर्दे को सिंगार कराने के समान है । आपने कहा कि सभी धर्म स्थल कोविड-19 की सेवा में समर्पित कर देनी चाहिए मानव सेवा ही माधव सेवा है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि आए हुए भयंकर तूफान को देखते हुए सभी धर्म स्थानों में भोजन आवास, निवास, दवाई, आदि सेवा कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए नहीं तो आने वाली पीढ़ी में धर्म स्थान अनास्था के केंद्र ना बन जाए । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली शाखा जोधपुर के अध्यक्ष श्री विशाल मेहता के प्रयासों से करीब साढे तीन लाख रुपए से साधर्मीयों को खाद्य सामग्री के किट्स गुप्त रूप से वितरित किए गए । जिसके मुक्त कंठ से प्रशंसा सर्वत्र हो रही है अन्य संगठन भी इन से प्रेरणा लेकर काम में आगे बढ़ रहे हैं ।

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