चोरी की केबल से निकाले गए 22 किलो 30 ग्राम तांबे के तार बरामद, ₹8,000 में बेचे थे तार
रतलाम 25 अक्टूबर। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के रेलवे सुरक्षा बल ने दाहोद रेलवे स्टेशन के रिले रूम से सिग्नल विभाग की केबल चोरी के मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में एक अपचारी बालक को भी डिटेन किया गया, जिसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद उसके पिता की सुपुर्दगी में दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की केबल से निकाले गए 22 किलो 30 ग्राम तांबे के तार बरामद कर जब्त किए गए हैं।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को दाहोद स्टेशन स्थित रेलवे रिले रूम से सिग्नल विभाग की 12 कोर की लगभग 100 मीटर केबल चोरी हुई थी। इस संबंध में दाहोद पोस्ट पर अपराध क्रमांक 07/2026, रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी।
रेलवे सुरक्षा बल टीम ने 24 अक्टूबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रेलवे कॉलोनी, दाहोद में एक अपचारी बालक से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान चोरी में अपने दो साथियों के शामिल होने की जानकारी मिलने पर दोनों को भी बुलाकर पूछताछ की गई। इसके बाद तीनों की निशानदेही पर दाहोद शहर के पड़ाव क्षेत्र स्थित जय अम्बे बर्तन की दुकान पर जांच की गई।
दुकानदार से पूछताछ में सामने आया कि उसने तीनों व्यक्तियों से चोरी की केबल से निकाले गए लगभग 22 किलो 30 ग्राम तांबे के तार ₹8,000 में खरीदे थे। इस खरीद-फरोख्त के संबंध में दुकानदार के पास कोई बिल अथवा रसीद नहीं थी। रेलवे सुरक्षा बल ने पंचों की उपस्थिति में तारों का वजन कराकर उन्हें जब्त कर लिया।
इस कार्रवाई को पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की रेलवे सुरक्षा बल टीम ने तत्परता एवं सतर्कता के साथ अंजाम देते हुए रेलवे संपत्ति चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया।
प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों एवं बयानों के आधार पर केबल चोरी के आरोपी मनोज पिता राजू ढिंडोर और रोहित उर्फ चिंटू पिता संजय डामोर तथा चोरी की रेलवे संपत्ति खरीदने वाले दुकानदार सेवकराम पिता नेभन दास ठाकवान को रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। वहीं, 17 वर्षीय अपचारी बालक को नियमानुसार जमानती नोटिस देकर उसके पिता की सुपुर्दगी में दिया गया।