रतलाम 30 अक्टूबर। संसार में डूबने वाले और डुबाने वाले कई लोग है। खुद तिरते और दूसरों को नहीं तिराते, ऐसे भी लोग है और दूसरों को तिरा देते है तथा खुद नहीं तिरते, ऐसे लोग भी है। खुद तिर जाए और दूसरों तिरा दे, ऐसे भी है। वास्तव में जिसे तैरना आता है, वहीं दूसरों को तिरा सकता है। परमात्मा सबकों तिराने वाले है।
यह बात मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा ने कही। शुक्रवार को मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में प्रवचन देते हुए उन्होंने कहा कि संसार में जो जागा हुआ होता है, वहीं दूसरों को जगा सकता है। सोया हुआ किसी को जगा नहीं सकता। किसी को जगाने के लिए पहले जागना ही पडेगा। संसार में मोह के कारण ही आत्मा डूबती है, इसलिए मोह बढ रहा है अथवा घट रहा है, ये सोचो ? धर्म करने पर भी मोह नहीं घट रहा, तो समझों कि हम पांचो इंिन्द्रयों के विषयों में भटके है। पांचांे इन्द्रियों को जीते बिना कोई भी जीव तिरता नहीं है।
प्रवर्तकश्री ने कहा कि इन्द्रियों का पोषण मोक्ष में ले जाने वाला नहीं है। जिसे इन्द्रियों के प्रति अरूचि होगी, वही संसार से पार हो सकता है। यदि परिग्रह का पत्थर बांध रखा है, तो ं इस पत्थर के साथ कैसे तिरेंगे? परमात्मा ने जो चिंतन दिया है, उसे समझो और सोचा कितने रूप में परिग्रह हमारे सामने आ रहे है। विज्ञान का जितना आविष्कार हुआ , उतने ही सब दुखी हो गए। पहले जब अविष्कार नहीं थे, तो लोग सुखी थे। परमात्मा की तरह इन्दियों के आकर्षण खत्म करोगे, तो सभी तिर जाओगे। आरंभ में सेवाभावी श्री दर्शन मुनिजी मसा ने पुच्छि सुणम के जाप कराए।
प्रवर्तकश्री ने तपस्वियों को अलग-अलग तपस्या के प्रत्याख्यान कराए। संचालन रखब चत्तर ने किया। इस दौरान प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8, महासती श्री चंदनबालाजी मसा, महासती श्री कल्पनाजी मसा मंचासीन रहे। प्रवचन में श्री धर्मदास जैन श्री संघ के सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण उपस्थित रहे। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष पारसमल वोरा ने बताया कि जाली वाला स्थानक पर दोपहर में पुच्छि सुणम के जाप किए जा रहे है।