पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के तीन रेलकर्मियों सहित आठ कर्मचारियों को महाप्रबंधक संरक्षा पुरस्कार से किया गया सम्मानित

रतलाम । पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पाण्डेय ने मुंबई स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित समारोह में अगस्त एवं सितंबर 2026 के लिए आठ रेलकर्मियों को महाप्रबंधक के ‘मैन ऑफ द मंथ’ संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। इन कर्मचारियों को उनकी असाधारण सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया, जिनके प्रयासों से संभावित अप्रिय घटनाओं को टालने तथा सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिला। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में मुंबई सेंट्रल मंडल के दो, रतलाम मंडल के तीन तथा वडोदरा, अहमदाबाद एवं राजकोट मंडलों के एक-एक कर्मचारी शामिल हैं।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रतलाम मंडल के तीन पुरस्कार विजेताओं में श्री अमित कुमार, पॉइंट्समैन, अजंती (वर्तमान कार्यस्थल खंडवा बाईपास केबिन) ने दिनांक 01 अगस्‍त,2026 को गुड्स के 12वें वैगन में हॉट एक्सल की पहचान कर तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचित किया तथा लाल सिग्नल दिखाकर ट्रेन रुकवाई। उनकी सतर्कता से संभावित दुर्घटना टल गई। इसी प्रकार, श्री सुरेश भाई, ट्रैकमेंटेनर, पिपलोद ने दिनांक 29.सितम्‍बर,2026 को चांचेलाव- कंसुधी स्टेशन के बीच किलोमीटर 476/11-13 पर ओएचई तार पर टूटी हुई केबल गिरने की सूचना तत्काल सुपरवाइजर को दी, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर संभावित क्षति को रोका जा सका। रतलाम मंडल के तीसरे पुरस्कार विजेता श्री योगेश बारस्कर, वरिष्ठ सहायक लोको पायलट, उज्जैन ने दिनांक 25 सितम्‍बर 2026 को रतलाम स्टेशन पर लोको का निरीक्षण करते समय एक्सल बॉक्स नंबर 10 का तापमान असामान्य रूप से अधिक पाया। जांच में तापमान 62 डिग्री सेल्सियस मिलने पर लोको को रतलाम स्टेशन पर ही विफल घोषित किया गया। उनकी त्वरित कार्रवाई से संभावित दुर्घटना टल गई।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल सभी पुरस्कार विजेताओं की कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता एवं संरक्षा के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता की सराहना करता है। उनके सराहनीय प्रयासों से संभावित अप्रिय घटनाओं को टालने के साथ ही सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने के प्रति पश्चिम रेलवे की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ हुई है। इन कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य अन्य रेलकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

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