सेवानिवृत्ति पर हुआ भव्य अभिनंदन, परिवार सहित हुआ सम्मान; राष्ट्रसेवा के गौरवशाली सफर को किया नमन

जावरा। भारतीय सेना में 29 वर्षों तक सेवाएं देकर राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले कर्नल गिरीश सिंह के सेवानिवृत्ति अवसर पर गरिमामय अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में परिवारजनों, मित्रों, शुभचिंतकों, चिकित्सकों, पत्रकारों, कृषि विभाग के अधिकारियों, सेना के अधिकारियों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सेना की वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि अनुशासन, त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। कर्नल गिरीश सिंह ने अपने सेवाकाल में इन सभी आदर्शों का पालन करते हुए देश की सेवा की। उनका सैन्य जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
पिता ने शासकीय सेवा तो पुत्र ने सेना में बनाया गौरवपूर्ण स्थान
समारोह में कर्नल गिरीश सिंह के पिता श्री वी.पी. सिंह की उपस्थिति विशेष रही। वे कृषि विभाग में एसडीओ के पद पर सेवाएं दे चुके हैं तथा अपने कार्य एवं व्यवहार से नगर में विशिष्ट पहचान रखते हैं। पिता-पुत्र की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि जय जवान जय किसान विशेष चर्चा का विषय रही। जहां पिता ने शासकीय सेवा के माध्यम से समाज में सम्मान अर्जित किया, वहीं पुत्र ने भारतीय सेना में सेवाएं देकर राष्ट्र का गौरव बढ़ाया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की ओर से जिलाध्यक्ष राजकुमार हरण अंतर्राष्ट्रीय जैन दिवाकरविचार मंच के वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने कर्नल गिरीश सिंह का परिवार सहित बहुमान किया। इस दौरान उनकी राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण भावना को नमन करते हुए परिवार के त्याग और सहयोग की भी सराहना की गई। इस अवसर पर उनके अनेको शुभचिंतकों ने फूल माला और मोतियों की माला शाल श्रीफल स्मृति चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया
अभय सुराणा ने किया गरिमापूर्ण एवं भावपूर्ण संचालन
समारोह का प्रभावशाली एवं भावपूर्ण संचालन अभय सुराणा ने किया। उन्होंने अपने शब्दों और शेरो-शायरी के माध्यम से सैन्य जीवन की गौरवगाथा तथा कर्नल सिंह के व्यक्तित्व और उपलब्धियों को सुंदर अभिव्यक्ति दी। इस अवसर पर डॉ. सी.एल. वर्मा, डॉ. एच.एस. राठौर, डॉ. मंडवारिया, डॉ. विजय कुमार सिंह, धीरज सिंह सरसी, सुशील कोचट्टा, अशोक चोपड़ा, सुजानमल कोचट्टा, मोहन सैनी, लोकेंद्र सिंह एवं शीतल श्रीमाल सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कर्नल सिंह की सेवाओं और व्यक्तित्व की सराहना की।
समारोह का एक विशेष आकर्षण सेना के अधिकारियों एवं जवानों द्वारा प्रस्तुत अनुशासित स्वागत एवं सम्मान रहा। कर्नल गिरीश सिंह के साथ सेवाएं दे चुके अधिकारियों एवं सैनिकों ने सैन्य अनुशासन के साथ उनका अभिनंदन किया तथा अपनी विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन कर समारोह को यादगार बना दिया।
सेवानिवृत्ति नहीं, जीवन की नई पारी का शुभारंभ
वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति किसी व्यक्ति की सेवा भावना का अंत नहीं, बल्कि अनुभवों के आधार पर समाज को नई दिशा देने का अवसर है। सेना में अर्जित अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रप्रेम के संस्कार अब सामाजिक जीवन में भी उपयोगी सिद्ध होंगे।
अपने स्वागत एवं सम्मान के प्रति उत्तर देते हुए कर्नल गिरीश सिंह ने सैन्य जीवन के कुछ प्रेरक संस्मरण साझा किए तथा उपस्थित सभी लोगों के स्नेह, सम्मान और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रारंभ में श्रीमती आशा सिंह, लखनऊ ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अंत में राजेश सिंह ने आभार व्यक्त किया। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने कर्नल गिरीश सिंह के स्वस्थ, सुखद, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।