
इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । जगत पूज्य मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रावकों को प्रतिमा अभिषेक, शांति धारा एवं गंधोदक का महत्व एवं अभिषेक करने की सही आगमोक्त विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए कहा कि सही विधि से अभिषेक करने से पुण्य बंध होता है, लेकिन आगमोक्त विधि का सही ज्ञान न होने के कारण आप लोगों को पूर्ण लाभ प्राप्त नहीं हो पाता।
अभिषेक विधि सीखने के लिए उत्साहित भक्तों को मुनिश्री ने अभिषेक करने की व्यवहारिक रूप से विधि समझा कर युवाओं को प्रतिदिन देव दर्शन एवं अभिषेक करने का संकल्प भी दिलाया एवं मुनिश्री के सानिध्य में उनके निर्देश अनुसार आगमोक्त सही विधि से अभिषेक शांति धारा संपन्न होने के पश्चात गुरुदेव ने अपने कर कमलों से उपस्थित सभी भक्तों के मस्तक पर गंधोदक भी लगाया।
इस अवसर पर जगतपूज्य ने श्रावकों को मूर्ति और अभिषेक का महत्व बताते हुए कहां की मंदिर में भगवान की प्रतिमा भगवान के लिए नहीं भक्तों के लिए सूर्य मंत्र से संस्कारित कर विराजमान की जाती है जिसमें साक्षात भगवान से ज्यादा शक्ति होती है। इसी प्रकार भगवान का अभिषेक भी ग्रहस्थों के लिए ग्रहस्थों के द्वारा ही किया जाता है। आपने कहा कि भगवान के मस्तक पर अभिषेक करने का अधिकार किसी मुनि अथवा आचार्य को नहीं सिर्फ श्रावकों को ही है इसलिए श्रावकों का कर्तव्य है कि वह प्रतिदिन श्री जी की प्रतिमा का आगम में वर्णित विधि अनुसार अभिषेक कर पुण्यार्जन करे। अभिषेक करने से पुण्य बंध होता है और घर परिवार में दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
इस अवसर पर जगत पूज्य ने गांधोधक के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात बताई कि आपके घर आने वाले आगंतुकों का स्वागत गंधोदक का टीका लगाकर किया जाना चाहिए।एवं विवाह के समय आने वाली बारात में दूल्हे और बारातियों का स्वागत भी गंधोदक का टीका लगाकर किया जाए तो वर वधु परिवार के मध्य प्रेम और वात्सल्य सदैव बना रहेगा और बेटी का दांपत्य जीवन भी बहुत सुखी रहेगा।
इस अवसर पर छत्रपति नगर सहित आसपास की कई कॉलोनीयों के जैन श्रावक एवं धर्म प्रभावना समिति के श्री आनंद नवीन गोधा, अक्षय कासलीवाल, जिनालय ट्रस्ट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, डॉ जैनेंद्र जैन, विपुल बांझल, कमल पवन जैन चैलेंजर, श्रुत जैन, नीलू टैलेंट, राजेश जैन दद्दू,वीरेंद्र जैन, अखिलेश सोधिया,जिनेश जैन, अजय, आजाद मामा, नरेंद्र , राकेश नायक अरविंद सोधीया आदि गणमान्य भारी संख्या में उपस्थित थे।