गुजराती जैन मंदिर पर पुजा एवं मंत्र उच्चारण किये गये

रतलाम। जैन शासन में शांति स्नात्र महापूजा का विशेष महत्व है। इस पूजन में नवग्रह,दिक्पाल,क्षेत्रपाल आदि सभी देवताओं की पूर्व यथायोग्य पूजन कर शांति के दाता, शांतिनाथ भगवान की पूर्वाचार्य कथित पूजन जिसमें विशिष्ठ मंत्रोच्चार से प्रभु का 108 अभिषेक होता है।
वर्तमान की महामारी से शांति की प्रार्थना हेतु रतलाम समग्र जैन समाज की संस्था महावीर जैन युवा संघ द्वारा शांतिस्नात्र महापूजन आयोजित किया। त्रिदिवसीय पूजन की सभी विधि चंन्द्रवीर मण्डल एवं अमर जैन द्वारा पूर्ण कराई गई। रात्रि को अभिषेक जल से पुरे रतलाम नगर की बाहरी बॉर्डर से धारा वाही कर महामारी शांति की विधि की ।
महावीर जैन युवासघ संस्थापक एवं संयोजक झमक भरगट, अध्यक्ष विनोद मूणत ,सचिव संजय मुणत, कोषाध्यक्ष सुभाष गुगालिया, राजेश बरमेचा एवं समस्त अहिंसा प्रेमी समाज की और से पूजन कर 108 दीपक की महाआरती की गई और ईश्वर से प्रार्थना करते हुए महामारी से विश्व को शांति की प्रार्थना की।

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