जो लाभ-हानी के परिणाम की परवाह न करते हुए मैदान में डटे रहते हैं वही सच्चे धार्मिक होते हैं – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर 29 मई 2021 । बुराई और बदनामी लेकर भी अच्छे कामों से पीछे नहीं करते हैं सफलता उनके चरण चूमती है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश में शंखेश्वर पार्श्वनाथ धारने पर आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते कहा कि प्रसिद्धि और वाह-वाह की भावना सफलता की सबसे बड़ी शत्रु है ना मिलने पर आदमी निराश हताश विमुख हो जाता है । उन्होंने कहा कि जो लाभ-हानी के परिणाम की परवाह न करते हुए मैदान में डटे रहते हैं वही सच्चे धार्मिक होते हैं ।
जैन संत ने कहा कि यश कामना को दफना कर नीं व के पत्थर की भांति लक्ष्य दीवाना होता है वह किसी की परवाह न करते हुए निरंतर कदम आगे बढ़ाता है ।
राष्ट्रसंत ने बरसाती मेंढक और सस्ती लोकप्रियता के पीछे पड़े लोगों को कड़ी फटकार लगाते कहा कि ऐसे दुष्ट ही मानवता के कट्टर शत्रु है । राष्ट्रसंत ने कहा कि अंगुली पर खून लगा कर शहीद की लाइन में आने वाले अर्थात सिर्फ घटना की निंदा चेतावनी आलोचना करके नेतागिरी चलाने वाले अपनी आत्मा के साथ धर्म और परमात्मा के साथ भी धोखा कर रहे हैं इतिहास में कभी माफ नहीं करेगा । तीर्थ के मैनेजर पारस कुमार जी सहित सभी ने राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश का स्वागत किया ।

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