देश में पनपता अनूप मंडल का आतंकवाद, ठोस कार्यवाही जरूरी

नई दिल्ली। कहने को तो हमारा समाज विकसित हो रहा है पर आज भी मतांधताएं और उनकी आड़ में आतंकवाद, लूटपाट और हत्याएं जारी हैं। इसी तरह का एक असामाजिक और अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का संगठन है अनूप मंडल जो कई दशकों से बिना पढ़े लिखे, जनजातीय, गांव देहात के गरीबों को क्लाइमेट चेंज की आड़ में बहका कर उन्हें बनिया (वैश्य) और जैन समाज के खिलाफ भड़काने का काम कर रहा है । साधु, संतों की हत्याएं कर रहा है । मूर्ति पूजा के विरोध स्वरूप मूर्तियों और मंदिरों को तोड़ रहा है। इस संगठन के अपराधिक कार्यों पर कार्यवाही करते हुए समय समय पर इनपर कार्यवाही हुई, जेलों में बंद किया गया और प्रतिबंधित भी किया गया। लेकिन यह सब होने के बाबजूद भी अनूप मंडल का यह उग्रवाद थमा नहीं बल्कि बढ़ा और राजस्थान और गुजरात से फैला यह आतंकवाद अब और जगहों पर भी फैल रहा है, ऐसा बताया जा रहा है कि अनूप झोपड़ी के नाम से जगह जगह पर इसकी शाखाएं भी बनने लगीं हैं।
अनूप मंडल की आड़ में भारतीय संस्कृति की खिलाफत कर इसमें देश को तोडऩे की साजिश की देशद्रोही बू है और ऐसा भी कहा गया है कि इन्हें ऐसे ही अराजक, आतंक बढ़ाने वाले संगठनों द्वारा इनके कुकृत्यों के लिए फाइनेंस भी किया जा रहा है, और इनकी गतिविधियों में एक बहुत बड़ा सुनियोजित देशविरोधी, समाजविरोधी षडयंत्र भी है। इनका पूरा प्रचार प्रसार तंत्र और पुस्तकें भी हैं, जिसे धार्मिक पुस्तकों के रूप में उन्हें धर्म का आदेश और सच बताकर, लोगों को उग्रवाद के लिए ये उकसाते हैं। बताया जा रहा है कि ये सरकार से भी वित्तीय सहायता लेकर शिक्षा के माध्यम से छोटे छोटे बच्चों के दिमाग भी प्रदूषित कर रहे हैं।
इन कु-कृत्यों को देखते हुए हम सब भारत की अखंडता और एकता के हित में, आतंकवाद की पुरजोर खिलाफत के हक़ से, शांति की अपील करते हुए यह मांग करते हैं कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक ठोस कार्यवाही की आवश्यकता है। सर्वधर्म, सर्वमत सम्मान की हमारी संस्कृति की आड़ में अलगाववाद और आतंकवाद न पनपे, इस निवेदन के साथ, समाज भी एकजुट होकर हर स्तर पर विरोध करे, विरोध पत्र/ ज्ञापन दें, नगर, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर निवेदन करें कि – अनूप मंडल को असंवैधानिक, असामाजिक और आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए । इनके सभी खातों को जब्त किया जाए; इनकी वित्तीय सहायता पर प्रतिबंध लगाया जाए । इनके सभी कार्यालय, संपत्ति जब्त करके नीलाम किए जाएं । इनके अपराधिक कार्यों की उच्चस्तरीय जांच करके कड़ी से कड़ी सजा इन्हें दी जाए । इनकी पुस्तकों को प्रतिबंधित किया जाए ।
उक्त मांग आचार्य ज्ञानसागर इंटरफैथ फाउंडेशन नई दिल्ली के स्वराज जैन (टाइम्स) संस्थापक संयोजक, सीए आदीश कु जैन संस्थापक संयोजक सहित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने की है।

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