भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए जीवनदायिनी पहल-मुक्तिधाम में लगाए सकोरे, “पंछी बचाओ” अभियान को मिला जनसमर्थन

सीतामऊ (नयन जैन) । गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच जहां इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान पक्षी भी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, ऐसे समय में महाकाल मुक्तिधाम समिति ने एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल करते हुए “पंछी बचाओ” अभियान के तहत पक्षियों के लिए दाना व पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस मानवीय प्रयास ने पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश दिया है और लोगों को प्रकृति व जीवों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराया है। समिति के सदस्यों ने मुक्तिधाम परिसर के विभिन्न स्थानों पर ऊंचाई पर सकोरे (मिट्टी के पात्र) स्थापित कर उन्हें नियमित रूप से पानी से भरने की व्यवस्था की है। “सकोरा स्टैंड” को इस तरह लगाया गया है की एक स्टैंड में लगभग आठ सकोरे लग सके जिससे पक्षियों को सुरक्षित और सहज रूप से दाना व पानी उपलब्ध हो सके।
भीषण गर्मी में बनी राहत की आस – गर्मी के दिनों में तापमान लगातार बढ़ने से जलस्रोत सूखने लगते हैं, जिससे पक्षियों के सामने जीवन संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में यह पहल न केवल पक्षियों के लिए राहत का साधन बनी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्थानीय लोगों का सहयोग और सराहना – इस नेक कार्य को देखकर स्थानीय नागरिकों ने भी समिति के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की है। कई लोगों ने आगे बढ़कर इस अभियान में सहयोग देने की इच्छा जताई है, जिससे यह पहल एक जनआंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है।
समिति का संदेश – महाँकाल मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष मुकेश चोरडिया व संयोजक हेमन्त जैन ने आमजन से अपील की है कि वे भी अपने घरों, छतों और आसपास के स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी के बर्तन रखें और उन्हें नियमित रूप से साफ करे व भरा रखें। उनका कहना है कि “छोटा सा प्रयास भी किसी जीव के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।”
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणा – यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है कि यदि हर व्यक्ति थोड़ी सी संवेदनशीलता दिखाए, तो प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
महाकाल मुक्तिधाम समिति का यह कार्य न केवल मानवीय संवेदनाओं का परिचायक है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि सच्ची सेवा वही है, जिसमें हर जीव के जीवन का सम्मान हो।

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