रतलाम । जहां कुछ लोग आपदा में अवसर तलाश रहे है वही कुछ लोग समाज में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को राशन कीट मुहैया कराकर इस आपदा में जितना सहयोग हो उतना मानव धर्म निभाने का प्रयास कर रहे है ।
कोरोना संकटकाल में कई परिवारों की आमदनी बंद हो गई है, तो प्रतिदिन कमाकर खाने वाले परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का एक बड़ा संकट आ गया है । रतलाम जिले में ऐसे कई संगठन एवं सामाजिक संस्थाएं हैं, जो कि वर्तमान में कोरोना की मार झेल रहे ऐसे जरूरतमंद परिवारों की मदद करने में लगी हैं । उसी क्रम में एक परिवार ऐसा भी जिन पर दुखों का पहाड़ टुटने के बाद भी हिम्मत नही हारी और अपने पिता व बड़े भाई को खोने के बाद भी समाज सेवा में जुट गये । रतलाम के जवाहर नगर निवासी कीर्ति गेहलोत का परिवार निरंतर घर से राशन किट पैक करके जरूरतमंद लोगों की लिस्ट तैयार करके खुद उनके घरों तक राशन कीट पहुंचा रहे हैं। उनकी पूरी टीम लोगों की मदद में जुटी हुई है। वे घर-घर जाकर जरूरतमंद लोगों को कच्चा राशन बांट रहे हैं। कोरोना काल में भी कई लोगों के काम धंधे बंद हैं, तो उनके सामने भी पेट की भूख मिटाने का संकट आ गया. ऐसे लोगों की मदद के लिए कीर्ति गेहलोत का परिवार आगे आया हैं. अभी तक कुल सूखे राशन की 150 कीट वितरित कर चुके है ।
साथ ही सबसे अच्छी बात है ये कि इन्होंने कभी भी राशन वितरण का फ़ोटो लेकर किसी सोशल मीडिया पर नही डाला है ओर ना दिखावा किया। इनके साथ में माँ कामाख्या ग्रुप के साथी महेश पांचाल, अजय कुशवाह, राधा चौहान, अर्पित उपाध्याय, अभिजीत परमार, विशाल गेहलोत और उनके घर के बच्चो आदि सक्रिय रह समाजसेवा में अपना पूर्ण योगदान रहे है । जनहित में आग्रह है कि जिंदगी में राशन भी जरूरी सुरक्षा भी जरूरी । इसलिए मास्क लगाए और सोशल डिस्टेंस का पालन करे व वेक्सीन जरूर लगाए ।