दिखावटी जिंदगी से दूर हो

अमूमन यह क्यों होता जा रहा है कि हम दिखावे पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। हम अपने मन को, अपनी वास्तविकता को दबा लेते हैं। ” क्यों ” ? आखिर ऐसा क्या है कि हम वास्तविकता को स्वीकार नहीं करते हैं उसे छुपाते हैं कई लोग घर बनाते हैं पर वह दिखावट पर ज्यादा पैसा खर्च करते हैं, घर में अपनी आवश्यकता क्या है कहां कौन सी चीज के लिए जगह चाहिए उस पर ध्यान नहीं रखते हैं। फैशन करेंगे कपड़े पहनेंगे तो बिना वजह के अव्यावहारिक डिजाइन के कपड़े पहन लेंगे। बालों की कटिंग कुछ तो भी डिजाइन की करा लेंगे। *सिंपल सोबर तरीके से रहना भूल रहे हैं । यदि घर में कोई आता है तो उसके सामने कई तरह के दिखावे होते हैं। हम हमारे वास्तविक रहने के आधार पर उसका स्वागत नहीं करते हैं। यारी दोस्ती में मित्रों में रिश्तेदारी में शादी ब्याह में खूब जम के दिखावा होता है। जो कि पूरा गलत है हमारे व्यवहार में खानपान में रहन-सहन में इस कदर दिखावटी पना आ गया कि हम दोहरी जिंदगी जीने लग गए। कोशिश कीजिए वास्तविकता में रहने की और दिखावटी पन से दूर रहने की। जिंदगी की सही आत्म संतुष्टि तभी होगी और मस्त जिंदगी होगी, तनाव मुक्त, निश्चिंत, शांत और वास्तविक प्रकृति के करीब, स्वस्थ।
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, वास्तुविद)

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