योग माना जोड़ स्वयं के लिए सकारात्मक ओरा बनाकर रखे

रतलाम । “योग माना जोड़ स्वयं के लिए सकारात्मक ओरा बनाकर रखे इसके लिए स्वयं के साथ स्वयं को जोड़े, स्वयं की चेंकिंग कर बदलाव करे।दवाई के साथ साथ योग भी आवश्यक हैं* ” उक्त वक्तव्य शासकीय मेडिकल कॉलेज के डीन भ्राता जितेंद्र जी गुप्ता डोंगरे नगर स्थित “दिव्य दर्शन”भवन सेवाकेन्द्र पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कहा कि कोरोनाकाल के समय जब डीन के पद पर कार्यरत हुए तब चारों ओर ऐसा वातावरण बन गया जो कि मैं खुद मानसिक रूप से कमजोर हो रहा था तब मुझे शिवानी दीदी के सकारात्मक विचार सुनने को मिला जिससे मेरे अंदर फिर से सकारात्मक ऊर्जा से भर गयी और मैंने पूरा स्टॉफ को योग कराया ताकि सकारात्मकता ऊर्जा का वाइब्रेशन चारों ओर फैले।उन्होंने बताया कि किसी भी परिस्थिति में लड़ने के लिए सकारात्मक ऊर्जा का होना बहुत आवश्यक हैं।जो योग से प्राप्त होता हैं।
जिला योग प्रभारी बहन आशा दुबे जी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “सबसे पहले निरोगी काया बाद में सब मोह माया”। हम स्वयं को ठीक रखेंगे तो स्वस्थ रहेगे।अगर आपके पास अच्छे विचार अच्छे संकल्प होंगे तो दूसरों को भी वहीं दे पाएंगे।अगर आपके पास नकरात्मकता होगी तो दूसरों को देकर भी वहीं मिलेगा।अगर हरेक ये समझे कि हमे अपने जीवन को स्वस्थ,सुख व खुश रखना हैतो योगासन के साथ साथ राजयोग को भी जीवन में अपनाना होगा।इसके साथ ही आपने अनेक योगासन एवं प्राणायामआदि भी करवाया।
सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्मा कुमारी सविता दीदी ने बताया कि राजयोग हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है हमारे हर बोल कर्म,सोच व व्यवहार मे सबमें सकारात्मकता लाना यही योग है राजयोग द्वारा स्वयं पर राज्य कर अपने कर्म इंद्रियों को कंट्रोल करना।
आपने आगे बताया कि परमात्मा शक्ति से हमारी मन की एकाग्रता बढ़ती है ,संकल्प श्रेष्ठ होते हैं, सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है यही जीवन जीने की कला है रात को सोने से पहले स्वयं की चेकिंग कर परमात्मा का धन्यवाद करना हैं।आपने राजयोग का भी अभ्यास कराया।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रम्हाकुमारी गीता दीदी ने कहा की तनाव,दुख ,भय,चिंता नकारात्मक सोच,अवसाद, व्यसन,बुरी आदतें जैसे लक्षणों से स्वयं को ठीक करने के लिए और आंतरिक शांति,आध्यात्मिक शक्तियों का अनुभव करने के लिए राजयोग की साधना द्वारा स्वयं को मस्तक के बीच विराजमान बिंदु आत्मा समझ कर सर्वशक्तिमान परमपिता परमात्मा को याद करें यही राजयोग है।
पावर ऑफ योगा से बहन रक्षिता जी सांखला द्वारा पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योगा अभ्यास कराया गया।