यदि सिम्पेथी नहीं होती है तो कोई भी चिकित्सा पद्धति और चिकित्सक सफल नहीं हो सकता -डा. जोशी

रतलाम। वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डा. दिनेश जोशी ने कहा कि विश्वभर में अनेक प्रणाली से इलाज किया जाता है, किन्तु सफलता का सबसे बड़ा राज सिम्पेथी में होता है, यदि सिम्पेथी (सहानुभूति) नहीं होती है तो कोई भी चिकित्सा पद्धति और चिकित्सक सफल नहीं हो सकता और ना ही वह मरीज के साथ जुड़ सकता है।
डा. जोशी ने कहा कि आज देशभर में आम आदमी, गरीब, किसान,मजदूर और बेबस लाचार लोगों का विश्वास मोहल्ला,गली,गांव में बेेठेे छोटे-छोटे डाक्टरों पर है, उनकी आत्मीयता उनके साथ जुड़ी है। गरीब आदमी के पास न पहुंच है न जेब में पैसा। उसके पास केवल आपका विश्वास है और इस कठिन समय में आपने जो संघर्ष किया है वह सराहनीय है।
डा. जोशी ने यह बात डिस्ट्रीक डाक्टर मेडिकल एसोसिएशन, वैकल्पिक चिकित्सक संघ ,अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन द्वारा उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में कही। डा. जोशी के साथ डा. हरिओम तिवारी का भी सम्मान किया गया।
डा. जोशी ने कहा कि सरकारी योजनाओं तक अपने मरीजों को पहुंचाने का प्रयास कीजियेे, उनके साहस को बनाए रखियेे यही समाज और देश के लिए आपका सबसे बड़ा योगदान होगा। संस्थाओं के प्रतिनिधि के रुप में डा.आई.पी.त्रिवेदी, डा. दिलीप पंड्या, डा. डी.सी. राठौड़, डा. अरूण सोनी, डा. निर्मला डांगी, वैकल्पिक चिकित्सक संघ के डा. महेन्द्रराज पुरोहित, डा. रत्तीलाल सोलंकी, डा. मोहन चौहान, डा. ऋषि भट्ट सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित थे।

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