इंसान की पहचान अच्छी बातों से नहीं अच्छे कर्मों से होती है – क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज

जावरा (अभय सुराणा )। हूमड दीगम्बर जैन समाज अध्यक्ष रीतेश कूमार जैन ने बताया की क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने दिगम्बर जैन मांगलिक भवन में रविवारीय धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि जो श्रमण कर्ता है वह श्रावक कहलाता है। संतो के वचनों को मंत्र मानकर सुनना चहिए। भगवान की कथा जो मन लगा कर सुनता है उस के समस्त दुख क्षण भर में नष्ट हो जाते है जिस प्रकार सुर्य के निकलते ही अंधकार समाप्त हो जाता है।
मुनि श्री ने आगे कहा कि इंसान की पहचान अच्छी बातों से नहीं अच्छे कर्मों से होती है अच्छी बातें तो बुरे लोग भी कर लेते हैं मगर अच्छे कर्म तो केवल अच्छे लोग ही कर पाते हैं। जब अच्छे कर्म करते हैं तो सोच भी अच्छी होती है और बोल भी, मगर बुरे कर्म करने पर छोटी सोच और जीवन जीने के तरीके पता चलता है कि आपकी जिंदगी में आपकी जिंदगी का कोई मूल्य नहीं है। लोग कपड़े और मकान तो अच्छे चाहते हैं मगर अपना चरित्र और व्यवहार अच्छा नहीं बनाना चाहते है।जो आप दूसरों के साथ करते हैं वही एक दिन तुम्हारे पास लौटकर आएगा क्योंकि संसार प्रतिध्वनि है। मुनि श्री ने आगे कहा कि जिंदगी जीना सरल नहीं है जिंदगी की अजब परिभाषा है संभल जाए तो जन्नत है और बिगड़ जाए तो तमाशा बन जाती है ।सच ही कहा है जिंदगी जीना आसान नहीं होता बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता जब तक ना पड़े हथौड़े की चोट तो कोई पत्थर भी भगवान नहीं बन सकता है। सोना जब तक हथौड़े की चोट अग्नि की तपन धैर्य पूर्वक सहन नहीं करता है । तव तक वह गले का हार नहीं बन सकता है। आदमी भी जब धैर्य पूर्वक जीवन की सीढ़ियों पर कदम बढ़ाता हुआ चलता है तो 1 दिन सफलता भी उसके चरणों में नतमस्तक हो जाती है। संघर्ष जितने जिंदगी में अधिक होंगे सफलता का आनंद उतना ही मीठा होगा । इसलिए परेशानियों से डरो मत डट कर के उसका सामना करो। मुनि श्री ने आगे कहा कि समय को व्यर्थ के काम और व्यर्थ की बातों में खर्च मत करो धन से भी ज्यादा समय अनमोल है ।गया हुआ धन दोबारा प्राप्त हो सकता है ।मगर गुजरा हुआ समय कभी लौट कर नहीं आने वाला ।इसलिए जो भी करो आज करो, अभी करो, इसी वक्त करो ,कल किसने देखा है। समय किसी के बाप का नौकर नहीं है ।जिन्होंने समय की कीमत को जाना है। वह आज राम कृष्ण बुद्ध महावीर जीसस महात्मा गांधी विवेकानंद विनोबा भावे जैसे लोग दुनिया के लिए आदर्श बन बैठे हैं। मुनि श्री ने आगे कहा कि कर्मभूमि पर फल पाने का श्रम सबको करना पड़ता है ।परमात्मा सिर्फ हाथों में लकीर देता है उनमें रंग तो हमें भरना पड़ता है। जीवन स्वयं एक दौलत है यदि आप जीवन का सदा सफल और सार्थक उपयोग करते हैं तो आप दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति है। मुनि श्री ने आगे कहा कि कोई काम ऐसा नहीं है जो आप ना कर सकते हो आप हर कार्य कर सकते हैं बस धैर्य रखो और इरादों को कमजोर मत होने दो ।दुनिया के सबसे सफल और महान लोग भी अपने आप को व्यस्त और मेहनतकश रखते हैं। भला जब आपके पास जिंदगी का कोई ऊंचा मकसद यह सपना है। अपने बड़े सपनों को पूरा करने के लिए अभी आपको काफी मेहनत करने की आवश्यकता है। मेहनत का फल ही मीठा होता है जय जय कार करवाने के लिए कुछ करना भी पड़ता है कुछ ही नहीं बहुत कुछ करना पड़ता है निराशा को छोड़ें। हमेशा उत्साह उमंग और ऊर्जा से भरा हुआ जीवन जिए।
5 जुलाई को प्रातः 9 बजे मुनि श्री प्रतीकसागर जी महाराज के दिगम्बर जैन मांगलिक भवन में होगे और शाम 7 बजे आनन्द यात्र ,गुरु भक्ति का कार्यक्रम होगा।

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