समय की मांग है धर्माचार्य धर्मस्थल की चार दिवारी बाहर निकल कर माली की भांति मानवता के बगीचे में समर्पित हो- राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

राजकोट सम्राट तीर्थ । पुलिस खड़ी हो और चोरी होती है तो पुलिस उस दोष से बच नहीं सकता उसी प्रकार लाखों की संख्या में संत होने पर भी बुराइयों का नाच उनके लिए चुनौती है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने तप सम्राट तीर्थ पर आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित करते कहा कि सभी धर्मों का लक्ष्य अपराध और नशा मुक्त समाज बने। उन्होंने कहा कि समय की मांग है धर्माचार्य धर्मस्थल की चार दिवारी बाहर निकल कर माली की भांति मानवता के बगीचे में समर्पित हो । मुनि कमलेश ने कहा कि धर्मगुरु धर्मस्थल की चारदीवारी मे बैठे रहे तथा मानवता डूब गई तो मंदिर मस्जिद के ताले कौन खोलेगा।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि करीब देश में 3000000 संत हैं और 700000 ही गांव है सभी संत गांव को गोद ले शिक्षा चिकित्सा सेवा को अपनाएं तो धरती पर जन्नत उतर आएगा का भगवान का सपना साकार हो जाएगा।
जैन संत ने बताया कि सभी धर्म बुराइयों का विरोध करते हैं सभी धर्म गुरु संगठित होकर पर्यावरण नशा मुक्ति भ्रूण हत्या विश्व शांति के लिए मिलकर काम करेंगे तभी उनकी सार्थकता है।
भारत सरकार की ओर से सम्मानित राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश करीब 80,000 किलोमीटर पदयात्रा करते हुए चातुर्मास के लिए राजकोट पधारने पर सकल जैन महासंघ ने अभिनंदन किया गोंडल संप्रदाय के प्रमुख प्रवीण भाई कोठारी सीएम सेठ संघ प्रमुख डॉलर भाई ने विचार व्यक्त किए तथा अभिनंदन में राष्ट्र संत का साल से अभिनंदन किया गौ रक्षा सेवा संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद थे 10 जुलाई को गोंडल संप्रदाय के गादी का गांव राष्ट्रसंत पधारेंगे चातुर्मास प्रवेश 20 जुलाई को राजकोट में है।

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