रतलाम। पेटलावद ब्लास्ट 12 सितंबर 2015 को आज 6 साल से ऊपर हो चुके हैं घटना में 105 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई थी| वहीं अनेक लोग घायल हुए थे |उन घायल में से एक रवीना उर्फ प्रिया पडियार उस समय 11 वर्ष की थी जिसने अपनी आंखों के सामने अपने भाई संदीप को मरते एवं पिता को घायल होते हुए देखा था | अकेली प्रिया को इलाज के लिए रतलाम लाए लगभग 20-25 दिन ठीक होने में लगे थे| वही पिता का इलाज दाहोद गुजरात में हुआ था । इतने वर्ष बीतने के बाद भी घटना का मनोवैज्ञानिक प्रभाव प्रिया पर आज भी देखा गया। घटना की जानकारी देते हुए समाजसेवी रोगी कल्याण समिति सदस्य गोविंद काकानी ने बताया कि प्रिया के पिता दिनेश पडियार ने मोबाइल पर प्रिया के अस्वस्थ होने की जानकारी से अवगत कराया जिस पर मैंने उसे राजगढ़ से रतलाम जिला चिकित्सालय इलाज हेतु आने का कहा जहां पर पूर्व में उसका इलाज हुआ था| माता चंदा व पिता दिनेश पडियार प्रिया को लेकर रतलाम पहुंचे। जिला चिकित्सालय में डॉक्टर राहुल पाटीदार द्वारा उनके ब्लड एवं अन्य जांच की गई तत्पश्चात सिविल सर्जन डॉ आनंद चंदेल कर के देखरेख में प्रिया के खून की कमी को दूर करने के लिए 3 यूनिट रक्त चढ़ाया गया| रक्त चढ़ते ही प्रिया की तबीयत मैं तेजी से सुधार हुआ और 4 दिन बाद उसे कल वापस अपने घर गांव पीपरनी, राजगढ़ के पास जिला धार वापस सकुशल रवाना किया ।
पूरी घटना पर प्रकाश डालते हुए समाज सेवी काकानी ने बताया कि घटना के कारण बच्ची के कोमल मन पर गहरा प्रभाव पड़ा हुआ है और उसी के कारण उसके शरीर में रक्त की कमी आ गई पिता से उसके हाल चाल पूछने पर अनेक समस्या होने से उसे रतलाम बुलाने का निर्णय लिया। यहां पर मानव सेवा समिति के माध्यम से उसे आसानी से 3 यूनिट रक्त उपलब्ध हो गया साथ ही पूरा इलाज निशुल्क रतलाम जिला चिकित्सालय में किया गया।
प्रिया ने स्वस्थ होकर घर जाने के लिए रवाना होने से पूर्व माता एवं पिता को जिस नगर निगम वार्ड में भर्ती हुई थी ले जाकर पुरानी यादों से अवगत कराया । प्रिया ने पूरे परिवार की ओर से मानव सेवा समिति, जिला चिकित्सालय डॉक्टर , स्टाफ एवं जिला प्रशासन का ह्रदय से धन्यवाद दिया।