शिक्षक की गुणवत्ता सिर्फ स्कूल में पढ़ाने तक सीमित नहीं होती है

रतलाम ।  शिक्षक की गुणवत्ता सिर्फ स्कूल में पढ़ाने तक सीमित नहीं होती है उसका व्यक्तित्व बहुआयामी होता है बच्चों में संस्कार और शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यालय परिसर और समाज के बीच एक सौहार्द की कड़ी के रूप में भी उसकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है । शिक्षक अपने व्यक्तित्व और कार्यों से बच्चों के साथ साथ समाज की भी तस्वीर बदल सकता है परिवर्तन के लिए लोगों को अपने आचरण से प्रभावित कर उन्हें नवाचार तथा नव संधारित संसाधनों से स्कूल परिसर को सज्जित करने की प्रेरणा भी दे सकता है।
उक्त विचार शासकीय माध्यमिक विद्यालय नौगांवा जागीर मैं आयोजित सम्मान समारोह में जिला शिक्षा केंद्र के  निर्देशक श्री एम एल सासरी ने व्यक्त किए । विद्यालय परिवार द्वारा इस सम्मान समारोह में बीएससी पद पर पदोन्नत हुए शिक्षक श्री मनोज कसेरा तथा सेवानिवृत्त हुए विकास खंड कार्यालय स्थित अकाउंटेंट श्री भारत सिंह सोनगरा, मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय सचिव बने मिथिलेश मिश्रा एवं शिक्षक सांस्कृतिक संगठन के अध्यक्ष दिनेश शर्मा का सम्मान किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री एम एल डामोर ने कहां की शिक्षक और समाज दोनों एक दूसरे के पर्याय हैं । दोनों का साथ अत्यंत आवश्यक है शिक्षक समाज को साथ में लेकर विद्यालय के वातावरण को सुरम्य और आकर्षक बना सकता है यही सच्चे शिक्षक की पहचान है । कार्यक्रम में संकुल प्राचार्य श्रीमती पार्वती परमार, प्राचार्य रघुनाथ चौहान, सरपंच दिनेश पाटीदार ने भी विचार व्यक्त किए । इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया । कार्यक्रम के सूत्रधार बीके जोशी ने बताया कि विद्यालय परिवार को सरपंच दिनेश पाटीदार द्वारा एलईडी प्रोजेक्टर भेंट किया गया । कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की पूजा कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । तत्पश्चात विद्यालय तथा संकुल अंतर्गत प्रधानाध्यापक ने अतिथियों का स्वागत किया गया । कार्यक्रम में बीएससी अजय बक्शी, श्री शर्मा, चेतराम टॉक, एसएमसी अध्यक्ष अंबाराम पाटीदार सहित अंकित शर्मा, गोविंद त्रिवेदी, संतोष जोशी, महेश पाठक बाबूलाल मालवीय आदि उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन बीके जोशी तथा आभार  श्री महेश पाठक ने व्यक्त किया ।