विश्व तिथि बचाओ दिवस पर संबोधित करते राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश कहा – प्रकृति ही हमारा असली प्राण है इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है

राजकोट (श्री मनहर प्लॉट स्थानकवासी जैन संघ 28 जुलाई 2021)। पृथ्वी की सुरक्षा करना ही धर्म और परमात्मा की रक्षा करने के समान है क्योंकि पृथ्वी के सहयोग के बिना जिंदा रहने की कल्पना तक नहीं की जा सकती । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने श्री मनहर प्लॉट स्थानकवासी जैन संघ विश्व तिथि बचाओ दिवस पर संबोधित करते कहा कि प्रकृति ही हमारा असली प्राण है इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है ।
उन्होंने कहा कि मानव विलासिता और स्वार्थ में डूब कर राक्षस बना हुआ पृथ्वी पर कहर ढा रहा है अक्षम्य अपराध है पृथ्वी की रक्षा में ही हमारी सुरक्षा है । मुनि कमलेश ने बताया कि पृथ्वी के अंधाधुंध दोहन से बादल फटना भूकंप अतिवृष्टि कोविड-19 आदि प्राकृतिक आपदाओं को खुला निमंत्रण देने के समान है । राष्ट्रसंत ने कहां की इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है कि धर्म और भगवान के नाम पर पूजा सामग्री नदियों में डालकर प्रदूषित किया जा रहा है
जैन संत ने धर्माचार्य से आव्हान किया धार्मिक पर्व उपासना पद्धति पृथ्वी की सुरक्षा के रूप में मनाने की शुरुआत होनी चाहिए होली दीपावली रमजान वृक्षारोपण और जल संवर्धन के रूप में मनाई जाए ।
श्रीमती पूजा राजेश सेठ ने आजीवन तीज व्रत का संकल्प लिया कुंदन मल पतीरा ने सत्तर एकासना रंजना सिंघानी ने 75 एकासना बोल कर उनका सम्मान किया गौतम मुनि जी के पांचवा ऊपवास हे अक्षत मुनि ने मंगलाचरण किया गौतम मुनि ने विचार व्यक्त किए।

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