दुखी प्राणी की सेवा करने से बड़ा और कोई धर्म नहीं है-राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

अहमदाबाद ओढव राजेंद्र रोड 11 जनवरी 2021। पर्व आत्मा के आनंद की अनुभूति और प्राणी मात्र को प्रसन्नता से ओतप्रोत करने के लिए आते हैं उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने मकर सक्रांति के 10 दिवसीय जीव दया शिविर को संबोधित करते कहा कि हमारे व्यवहार से किसी भी आत्मा को तनिक भी कष्ट होता है वह धर्म भी पाप में बदल जाता है। उन्होंने कहा कि इंसान ही नहीं प्रकृति के प्रत्येक प्राणी मुस्कान से भर उठे ऐसा प्रयास करना ही धार्मिक का पालन करना है। मुनि कमलेश ने बताया कि मकर सक्रांति पर कितने ही पक्षी पतंग की डोर से घायल हो जाते हैं और उसमें जो आनंद मानता है वह शैतान से कम नहीं है
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि आज एक बालक के 30 टांके आए हैं पतंगबाजी से घायल होने के कारण । जैन संत ने बताया कि विश्व का कोई भी धर्म निर्दोष को सताने की इजाजत नहीं देता । दुखी प्राणी की सेवा करने से बड़ा और कोई धर्म नहीं है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली गुजरात अहमदाबाद की ओर से मेन चौराहे पर पक्षी बचाओ अभियान के अंतर्गत 10 दिवसीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है जिसमें घायल पक्षियों को लाने के लिए एंबुलेंस चिकित्सा के लिए डॉक्टर 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे विस्तार से जानकारी कल प्रदान की जाएगी। उक्त जानकारी राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी महावीर बोरा ने प्रदान की।

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