इस वर्ष सनं, 2022 में भारत मे कुल 4 ग्रहण पड़ेंगे। इनमें दो चन्द्रग्रहण होंगे व दो सूर्यग्रहण होंगे।

ग्वालियर । ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने जानकारी में बताया कि खण्डग्रास सूर्य ग्रहण कार्तिक कृष्ण अमावश्या 25 अक्टूबर मंगलवार को तुला राशि मे स्वाति नक्षत्र में पड़ेगा यह पूर्वी भारत के अलावा सम्पूर्ण भारत मे दिखाई देगा।
इसके अलावा भूमण्डल पर यूरोप,दक्षिण-पक्षिम एशिया,उत्तर-पूर्व अफ्रीका,अटलांटिक महासागर में भी दिखाई देगा।
भारत मे इसका स्पर्श दोपहर 02:28 बजे पर मध्य 04:30 बजे पर मोक्ष 06:32 पर होगा।
पर्वकाल 04 घण्टे 04 मिनिट होगा। सूतक प्रात: 04:31 से लगेगा। यह साधु-सन्यासियों के लिए,कृषि उत्पादन ठीक नही , समुद्री प्रदेशो में वायु,चक्रवात से हानि पश्चिमोत्तर सीमावर्ती क्षेत्र में अशान्ति। भारतीय संसद में विरोध उग्र होगा।
चन्द्रग्रहण-14 दिन बाद ही चन्द्रग्रहण कार्तिक पूर्णिमा मंगलवार को ही खग्रास चन्द्रग्रहण 08 नबम्बर को पड़ेगा जो भरणी नक्षत्र मेष राशि मे ग्रस्तोदय/खंडग्रास चन्द्रग्रहण होगा। जो भारत के पूर्वी भाग छत्तीसगढ़ के पूर्वी भाग में ग्रस्तोदय शेष में खंडग्रास रूप में दिखेगा।
भारत के अलावा एशिया, आस्ट्रेलिया, उत्तरीअमेरिका, उत्तर पूर्व यूरोप,दक्षिणी अमेरिका में भी दिखेगा।
ग्रहण दोपहर 02:39 पर स्पर्श 03:47 बजे खग्रास 04:29 बजे मध्य 06:19 ,पर मोक्ष होगा अवधि कुल 03 घण्टे 40 मिनिट होगी।
सूर्य ग्रहण के अगले 15 दिनों में ही चन्द्रग्रहण मेष राशि मे पश्चिमोत्तर प्रान्त,आंध्र,गंगा यमुना के मध्य क्षेत्र उड़ीसा के दक्षिण क्षेत्र बालो को कष्ट रहेगा। प्रजा में असंतोष बढ़ेगा। रोगों में बृद्धि,। किसी राज्य की सत्ता अचानक 3 माह में गिरेगी।
30 अप्रेल 2022 को खडग़्राश सूर्यग्रहण जो भारत मे दिखाई नहीं देगा।
16 मई 2022 को खग्रास चन्द्रग्रहण यह भी भारत मे दिखाई नहीं देगा।
इन दोनो का धार्मिक सूतक पातक भारत मे मान्य नहीं है।