निस्वार्थ भाव से प्राणी मात्र के प्रति करुणा से ओतप्रोत होना परमात्मा की पूजा से बढ़कर है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

गांधीनगर महावीर भवन जैन स्थानक 17 जनवरी 2021 । जिस मन मंदिर में करुणा देवी का निवास हो गया रोम रोम में समा गई वह स्वयं तीर्थ बन गया उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने विशाल धर्मसभा को संबोधित करते कहा कि करुणा की नींवपर ही धार्मिकता की मंजिल खड़ी की जा सकती है।
मुनि कमलेश ने कहा कि निस्वार्थ भाव से प्राणी मात्र के प्रति करुणा से ओतप्रोत होना परमात्मा की पूजा से बढ़कर है ।
राष्ट्रसंत ने कहा कि विश्व के सभी धर्मों ने करुणा को ही मूल धर्म का बताया है इसके बिना की गई साधना मुर्दे को शृंगार कराने के समान है । उन्होंने कहा कि करुणा से परिपूर्ण होने पर अपनी आत्मा की मलिनता भी धूल जाती है निर्मल और पवित्र हो जाती है।
राष्ट्रसंत कमल मुनि के करुणा में क्रांतिकारी विचारों से प्रभावित होकर पक्षियों की सेवा के लिए डेढ़ लाख की राशि कशिश हुई शांतिनाथ जैन कबूतर सेवा प्रारंभ हुई 6 वर्ष पूर्व कमल मुनि की प्रेरणा से डेढ़ करोड़ रुपए कनक भवन के लिए एकत्रित हुए आज वह भवन बनकर तैयार हो गया श्री संघ ने चातुर्मास विनंती की पुलिस प्रशासन गांधी नगर की सेवा प्रशंसनीय रही । उक्त जानकारी दिवाकर मेंट के वरिष्ठ कार्यकर्ता मूलचंद जी नाहर ने प्रदान की संघ की ओर से उनका स्वागत किया गया समारोह के पश्चात श्री संघ गांधीनगर द्वारा रखी गई गौतम प्रसादी का लाभ लिया।

Play sound