पक्षियों की सेवार्थ शांतिनाथ जैन कबूतर सेवा संघ का गठन

गाँधीनगर । राष्ट्रसंत परम पूज्य कमल मुनि महाराज साहब की प्रेरणा से स्थापित गांधीनगर, में जैन स्थानक महावीर भवन के नाम से जहां पर आज गुरुदेव के प्रवचन हुए। जिस मन मंदिर में करुणा देवी का निवास हो गया रोम रोम में समा गई वह स्वयं तीर्थ बन गया उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने विशाल धर्मसभा को संबोधित करते कहा कि करुणा की नींव पर ही धार्मिकता की मंजिल खड़ी की जा सकती है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि विश्व के सभी धर्मों ने करुणा को ही मूल धर्म का बताया है इसके बिना की गई साधना मुर्दे को शृंगार कराने के समान है । उन्होंने कहा कि करुणा से परिपूर्ण होने पर अपनी आत्मा की मलिनता भी धूल जाती है निर्मल और पवित्र हो जाती है। राष्ट्रसंत कमल मुनि के करुणा में क्रांतिकारी विचारों से प्रभावित होकर पक्षियों की सेवा के लिए डेढ़ लाख की राशि एकत्रित हुई।
इस संस्था का नाम शांतिनाथ जैन कबूतर सेवा संघ रखा जाएगा। उक्त जानकारी सुधीर जैन कोटा राजस्थान ने दी ।