महाराज: उदयपुर अंबामाता जी जैन स्थानक 14 फरवरी 2022 । किसी प्राणी भी के अंदर से आत्मा निकलने के बाद उसके शरीर को सम्मान जनक तरीके से दाह कार्य करना हमारा परम कर्तव्य है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि जिस प्रकार वाहन के पीछे बांधकर घसीट कर ले जाया जाता है यह अत्यंत शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि मृत शरीर को खुले में छोड़ दिया जाता है कुत्ते नोचते हैं मांस के लौथड़े बिखरे रहते हैं दुर्गंध होने से महामारी फैलने की संभावना होती है।
राष्ट्रसंत ने सरकार और जनता से मार्मिक अपील करने पर ग्राम विकास समिति ने पशुधन को दफनाने के लिए अलग से जमीन प्रदान की।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कल्पना अरविंद मुथा औरंगाबाद ने राष्ट्रसंत कमल मुनि के जन्मदिन पर गौ मोक्षधाम रथ की घोषणा करके तत्काल उसका उद्घाटन भी हुआ और जैन दिवाकर चारभुजा गौशाला को समर्पित किया गया।