नूंह / मेवात – गाँव बिस्सर अकबरपुर । कामधेनु गोधाम में आज सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसका विषय था ‘सभी धर्मों में गोमाता की महत्ता एवं स्वदेशी गोवंश का सशक्त राष्ट्र तथा आत्मनिर्भर भारत में योगदान’ । इस अवसर पर गोधाम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. इन्द्रेश कुमार जी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं मार्गदर्शक,मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ,आशीर्वचन हेतु पूजनीय स्वामी योग भूषण, संस्थापक, धर्म योग फाउंडेशन, धर्म प्रवक्ताओं में श्रद्धेय श्री विवेक मुनि , आचार्य सुशील मुनि मिशन , श्रद्धेय श्री गोस्वामी सुशील, राष्ट्रीय संयोजक भारतीय सर्वधर्म संसद, नोएडा,शीराज़ कुरेशी,एडवोकेट, डॉ. एम.डी.थॉमस, Founder Director,IHPS,New Delhi, Smt. Neelam C. Dey, Member, International Sociological Association, Spain, विशिष्ट अतिथि डॉ. दिलीप सिंह,IAS(R) पूर्व राज्य चुनाव आयुक्त,हरियाणा,चौधरी ज़ाकिर हुसैन, पूर्व विधायक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यक मोर्चा, भाजपा एवं प्रशासक, हरियाणा वक़्फ़ बोर्ड, फैज़ मोहम्मद खान,संयोजक, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ,अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, प्रसिद्ध उद्योगपति,समाजसेवी एवं अध्यक्ष,Rotary Club Midtown Delhi,मंच संचालक अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि दिनेश रघुवंशी एवं हरियाणा राज्य और देश के अनेक महानुभाव उपस्थित रहे ।
दिनेश रघुवंशी ने कार्यक्रम आरम्भ करते हुए अनेकता में एकता के प्रतीक इस सर्वधर्म सम्मेलन पर अपने विचार प्रकट किए और डॉ. एस.पी.गुप्ता को इस सम्मेलन का आयोजन करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया । उसके उपरांत स्वागत कार्यक्रम में डॉ. इन्द्रेश कुमार का स्वागत संस्थान के संस्थापक डॉ. एस.पी गुप्ता श्रीमती इन्द्रजीत यादव,सुनील जिंदल एवं पायल गर्ग ने , पूजनीय स्वामी योग भूषण जी का शशि गुप्ता,पुनीत वत्स,दीपक जैन ने, श्रद्धेय श्री विवेक मुनि का दिनेश गुप्ता,विशाल गर्ग,अभय जैन ने, श्रद्धेय श्री गोस्वामी सुशील का ऊषा गर्ग, मधु गुप्ता ने, शीराज़ कुरेशी का रेणु गुप्ता, अशरफ सूंध एवं रुचिर गुप्ता ने, डॉ. एम.डी.थॉमस का लक्ष्मीनारायण सिंगला एवं सुनील कुमार जांगड़ा ने, सैम पावरी का पवन जैन एवं पायल गुप्ता ने, Smt. Neelam C Dey का पायल गर्ग एवं अंकित जैन ने, सुरेश गुप्ता का प्रियंक एवं राजबीर गर्ग ने, डॉ. दिलीप सिंह,IAS(R) का प्रियंक,रेणु गर्ग एवं नरेश गुप्ता ने, चौधरी ज़ाकिर हुसैन का बिस्सर से गिरिराज,अनिल कुमार एवं सुखबीर ने, फैज़ मोहम्मद खान का वेदराम रेवाड़ एवं मनीष शर्मा गुरुग्राम ने, पुष्प माला, कामधेनु स्मृति चिन्ह एवं संस्थान मे पंचगव्यो से निर्मित उत्पादों का गिफ्ट पैक भेंट करके किया।
संस्थान के संस्थापक डॉ एस. पी. गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं सभी का परिचय करवाते हुए गोधाम के कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद किया एवं कामधेनु आरोग्य संस्थान मे किए जा रहे कार्यों के बारे मे सभी अतिथियों को बताया ।
अगली कड़ी मे दिनेश रघुवंशी ने सर्वप्रथम सेम पावरी को आमन्त्रित किया ।पावरी ने पारसी समाज के प्रतिनिधि के रूप में बुलाए जाने पर हृदय से आभार प्रकट किया और कहा कि राष्ट्र एवं धर्म एक साथ चलते हैं । ऐसा कोई भी धर्म या सम्प्रदाय नहीं है जिसमें गोमाता का वर्णन न हो ।
फैज़ खान ने अपने वक्तव्य का आरम्भ माँ शब्द के उद्घोष से किया । उन्होंने बताया कि कुरान में गाय के दूध को सिफा कहा है,गाय के घी को दवा कहा है और गाय के माँस को बीमारी बताया गया है । उन्होंने आगे कहा कि कलयुग में मनुष्य की पहली प्राथमिकता स्वास्थ्य है और स्वस्थ रहने का एकमात्र उपाय गोसेवा तथा गाय से बने उत्पाद का सेवन करना है । नीलम सी डे ने कहा कि यह एक गर्वपूर्ण अवसर है जब हम सभी धर्मों के लोग गोमाता के विषय पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए हों । उन्होंने बताया कि ईशु का जन्म एक गोशाला में ही हुआ था ।
चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने सभी का अभिनन्दन करते हुए एस.पी.गुप्ता को इस सम्मेलन का सूत्रधार बनने और गोसेवा में रत रहने के लिए प्रशंसा की एवं सभी को गोमाता की सेवा करने की सलाह दी । उन्होंने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में जो भी सफलताएं पाईं हैं वो गोमाता की सेवा का ही फल है ।
सुरेश गुप्ता ने अष्टनिधि(दूध,घी,दही,गोबर,गोमूत्र,गोधूलि,गोस्पर्श,गोध्वनि) के अतिरिक्त गोदान के महत्व को बताया ।
शिराज़ कुरेशी ने कहा कि आज के समय में हमारा विषय गोमाता की रक्षा नहीं अपितु गोवंश की रक्षा होना चाहिए । नन्दी की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है जितनी गाय की ।
M.D.Thomas ने कहा कि गोमाता में मनुष्यमात्र की आस्था है । उस आस्था का सम्मान सभी को करना चाहिए ।
श्रद्धेय श्री गोस्वामी सुशील जी महाराज ने गो के महत्व का वर्णन करते हुए बताया कि आज के समय में सन्यासियों के साथ-साथ डॉ. एस.पी.गुप्ता सदृश कई उच्च अधिकारी भी गोवंश की रक्षा करने तथा उनके रहने के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं ।
श्रद्धेय श्री विवेक मुनि जी ने कहा कि गोमाता किसी से भी ईर्ष्या करना नहीं सिखाती । परन्तु हम गाय को भूल चुके हैं जिसके कारण हमें असमय वृष्टि,पिघलते ग्लेशियर,महामारियाँ,हिंसा,आतंकवाद तथा युद्ध जैसे दृश्य देखने पड़ रहे हैं । उन्होंने कहा कि अपनी परम्परा को सीमित न रखें । मुख्य अतिथि डॉ. इन्द्रेश कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि मानवता का धार्मिक सिद्धान्त है । विश्व में अनेक पंथ,धर्म,मान्यताएं हैं उनमें दंगा-फसाद न हो,आतंकवाद माओवाद जैसी हिंसाएं जन्म न लें इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति अपने पंथ पर चलते हुए दूसरे की आलोचना नहीं अपितु सम्मान करें और सहभागिता करें । इससे विश्व दंगामुक्त,आतंकवादमुक्त बनेगा और मानवता का विकास होगा। आशीर्वचन में पूजनीय स्वामी योग भूषण जी ने कहा कि गाय से हमें केवल पाँच नहीं,अपितु नवनिधि प्राप्त होती हैँ – पंचगव्य (दूध,दही,घी,गोमय,गोमूत्र) के साथ साथ गोधूलि,गोध्वनि,सूर्यनाड़ी एवं गोस्पर्श ।
जब गाय संध्या में घर की ओर लौटतीं हैं तो उनके नखों से उठने वाली धूल गोधूलि कहलाती है तथा वह वेला गोधूलि वेला कहलाती है । अगला है गोध्वनि अर्थात् गाय की ध्वनि । कहा जाता है कि जिस घर में गाय की ध्वनि आती है उस घर में कभी क्लेश नहीं होता । ऐसी ओंकारयुक्त ध्वनि मानसिक तनाव को दूर करती है । अगला है सूर्यनाड़ी अर्थात् वह नाड़ी जो सूर्य से जो रश्मि ग्रहण करती है । यह गाय की पीठ पर रेखा के रूप में होती है जो सूर्य की रश्मियों से पोषक तत्व लेकर उसे दुग्ध में मिलाती है । इसी कारण गाय के दूध में स्वर्ण की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है । अन्तिम है गोस्पर्श – गाय की पीठ एवं गोकंबल पर हाथ फेरने से बी.पी जैसी जटिल बीमारियाँ भी ठीक हो जाती हैं ।
अंत में कामधेनु संस्थान की अध्यक्षा श्रीमती शशि गुप्ता जी ने सभी का धन्यवाद किया ।
इसके बाद सभी अतिथियों द्वारा गोधाम अवलोकन एवं वृक्षारोपण किया गया और गौ माता को सवामणि खिला कर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया ।
इस अवसर पर आशा विष्णु भगवान,IAS(R),B.G.Singh,Noida,प्रवीन मल्होत्रा,प्रवेश कुमार अग्रवाल,सुरेश चन्द्र,एस.गौरीशंकर,Director,Ministry of Environment Forest and Climate Change,श्याम सुन्दर पाठक,Ass. Commmissioner,GST,Noida,मुकेश गुप्ता,दीपक वासुदेव,पुनीत वत्स, अमित कुमार,गौरीश गुरुग्राम, जोगिन्दर सिंह,फरीदाबाद से चाँद सिंह,दीपक जैन,पायल गुप्ता, सचिन देओल, अनुपम गुप्ता,पवन जैन सहित क्षेत्रीय गांवों के अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम का आयोजन कोरोना निर्देशों का पालन करते हुए किया गया था इसलिए संस्थान से जुड़े अनेक लोग अपने घर से ही Facebook Live के माध्यम से भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे ।
