नैतिक मूल्यों से ही चरित्र का निर्माण होगा तभी हम नए स्वर्णिम भारत में प्रवेश करेंगे- तहसीलदार बहन रुपाली जैन

रतलाम । नवकार महिला मंडल की संस्थापक अल्का जी कटारिया ने कहा कि ध्वजवाहक बनने की शुरुआत हमें अपने घर अपने परिवार से करना चाहिए एवं सभी को भारतीय संस्कृति अपनाना चाहिए। आपने आगे बताया कि हमारा देश शक्ति स्वरूपाओं का देश है,नारी में शक्तियां समाई है। देश की महिलाएं ही नए भारत की ध्वजवाहक है।
इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेत्री व वकील बहन अदिति दवेसर, तहसीलदार रूपाली जी जैन, जागृत नारी समिति की अध्यक्ष बहन सीमा जी टाक, पतंजलि योग शिक्षिका आशा जी दुबे, नवकार महिला मंडल की संस्थापक बहन अल्का जी कटारिया, नवकार महिला मंडल की अध्यक्ष बहन उषा जी भंडारी, सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, वेस्टर्न रेलवे इंप्लाइज यूनियन रतलाम मंडल की सचिव व हिंदुस्तान सभा मध्य प्रदेश की सेक्रेटरी रंजीता जी वैष्णव, इंजीनियर खुशबू जी राजावत द्वारा आयोजित इस अभियान का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
कांग्रेस नेत्री व वकील बहन अदिति जी दवेसर ने बताया कि नारी संसार की बहुत सुंदर रचना भगवान ने उनके अंदर दया, प्रेम, भावना, शांति के सभी गुण समाहित किए हैं इसलिए स्त्री को स्त्री होने पर गर्व होना चाहिए। संस्कृति सबके अंदर है, स्त्री पुरुष में भेदभाव ना कर दोनों को समान स्थान प्रदान करें।
जागृत नारी समिति की अध्यक्ष बहन सीमा जी टांक ने कहा आज के महिलाओं को सशक्तिकरण की आवश्यकता नहीं है बल्कि अच्छे संस्कारों की आवश्यकता है और अच्छे संस्कार हमें आध्यात्मिकता से ही प्राप्त होते हैं।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रम्हाकुमारी गीता दीदी ने बताया कि आध्यात्मिक जागृति से ही हमारे आंतरिक गुणों और शक्तियों का संचार होता है, जब हम स्वयं को प्यार और सम्मान की दृष्टि से देखते हैं तभी दूसरों के प्रति और प्रकृति के प्रति प्यार और सम्मान प्रकट कर सकते हैं। आपने कहा कि भौतिकवादी दृष्टिकोण से अनेक समस्याओं का जन्म होता है इसलिए आध्यात्म को जीवन में उतारने की आवश्यकता है।
पतंजलि योग शिक्षिका आशा जी दुबे ने कहा कि आज की महिलाएं सशक्त होने के साथ शक्ति स्वरूपा भी है किसी भी क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों से कम नहीं है। एक व्यक्ति से लेकर पूरे विश्व के नवनिर्माण के लिए महिलाओं का योगदान रहता है इसीलिए देश की ध्वजवाहक महिलाएं ही है।
सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि आज हम अंग्रेजों से आजाद हो चुके हैं लेकिन अपनी कमजोरीयों से आजाद नहीं हुए है। नारी चाहे तो घर को स्वर्ग बना सकती है चाहे तो नर्क बना सकती है, नारी में ही वह शक्ति और गुण है जिससे वह देवी स्वरूपा के रूप में आज पूजनीय है। साथ ही आपने राजयोग मेडिटेशन के बारे में सभी को बताते हुए गहन शांति की अनुभूति कराई।
नवकर महिला मंडल की अध्यक्ष उषा जी भंडारी ने संस्था द्वारा किए जा रहे सभी कार्यों की बहुत सराहना की एवं सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन रतलाम मंडल की सचिव व हिंदुस्तान सभा की सेक्रेटरी रंजीता वैष्णव जी ने संस्था द्वारा सिखाए गए राजयोग मेडिटेशन कोर्स के अनुभव सभी के साथ साझा किए गए। इंजीनियर बहन खुशबू जी राजावत, मंजुला जी शर्मा, स्नेहलता जी धाकड़ और शहर की गणमान्य महिलाएं उपस्थित रही।

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