तकनीक जहॉ सुविधा देती है वही सुरक्षा भी प्रदान करती है- जिला न्यायाधीश श्री राजेश गुप्ता

रतलाम । आज के समय में जबकि पूरी दुनिया एक टेबल पर सिमट कर आ गई है सायबर अपराधों की निरंतर बढती संख्या चिन्ता का विषय है किन्तु यदि किसी व्यक्ति ने कभी भी और कही भी सायबर संबंधी अपराध किया है और सायबर विशेषज्ञ से उसकी जॉच करवाई जावे तो कोई कारण नही कि अपराधी का पता न लगे क्योकि तकनीक जहॉ सुविधा देती है वही सुरक्षा भी प्रदान करती है, अनिवार्यता इस बात की है कि त्वरित रूप से विशेषज्ञ की सलाह लेकर उसकी जॉच की जावे”। उक्त विचार रतलाम जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेश गुप्ता ने जिला अभियोजन रतलाम द्वारा “सायबर अपराध की जॉच और इलेक्ट्रानिक साक्ष्य की स्वीकार्यता” विषय पर आयोजित पॉच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के उद्घाटन अवसर पर कही।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पूर्व उप-संचालक अभियोजन कैलाश व्यास ने विषय की प्रस्तावना एवं प्रांसगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युग में कम्यूटर और इंटरनेट ने जहॉ सुविधा संपन्न बनाया है वही दूसरी और सायबर अपराध जगत में संलिप्त लोग विभिन्न माध्यमों द्वारा सायबर अपराध घटित करने के लिए तत्पर रहते है। सायबर अपराधों के बारे में आम जनता तक जागरूकता फैलायी जाना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्या‍याधीश श्री अरूण श्रीवास्तव तथा न्यायायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी श्री कृष्णा अग्रवाल भी उपस्थित थे।
जिला अभियोजन अधिकारी श्री अनिल बादल ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न जिलो के अभियोजन अधिकारीगण एवं जिले के पुलिस अधिकारीगण कुल 150 प्रतिभागी ऑनलाईन जुडकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ प्राप्त कर रहे है। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन म.प्र. अभियोजन के महानिदेशक श्री अन्वेष मंगलम द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम की जानकारी जिला अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ श्री चौपसिंह ठाकुर ने प्रदान की।