राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत साइकिल रैली एवं मीडिया कार्यशाला का आयोजन

रतलाम । रतलाम जिले में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की गई। रतलाम जिले के जिला क्षय इकाई जिला चिकित्सालय रतलाम से साइकिल रैली का आयोजन किया गया। साइकिल रैली को जिला क्षय अधिकारी डॉ. योगेश निखरा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों ने रोग से बचाव संबंधी तख्तियां के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया।
जिला क्षय अधिकारी डॉ. योगेश निखरा ने बताया कि टीबी के प्रारंभिक लक्षण जैसे 15 दिन से अधिक की खांसी, प्रतिदिन शाम को लगातार रहने वाला बुखार, कमजोरी, वजन कम होना, भूख न लगना आदि लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच और उपचार कराना चाहिए। सरकारी अस्पताल में टीबी पूरा और नि:शुल्क उपचार उपलब्ध है। जांच एवं उपचार कराने में देरी करने की दशा में टीबी रोग का उपचार मुश्किल हो जाता है इसलिए लक्षण दिखाई देते ही समय पर जांच और पूरा उपचार कराना चाहिए ।
डॉ. नीखरा ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम भारत सरकार की प्राथमिकता पर आधारित कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत भारत को वर्ष 2025 तक क्षय रोग मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम की रणनीति के अनुसार DPTB के अंतर्गत DETECT PREVENT, TREAT, BUILD की नीति निर्धारित की गई है इसके लिए मरीजों को खोजना, बीमारी की रोकथाम करना, टीबी के मरीजों का उपचार करना तथा मरीजों के लिए स्वास्थ्य देखभाल, उचित पोषण आहार की व्यवस्था करना सम्मिलित है ।
टीबी के पोजीटिव मरीजों के लिए पोषण हेतु प्रतिमाह 500 रूपए की राशि मरीजों के खाते में प्रदान की जा रही है तथा परिवार के सदस्यों को भी टीबी से बचाव के लिए नि:शुल्क औषधियां प्रदान की जा रही है। जिन मरीजों को टीबी के सामान्य दवाइयों से उपचार लाभ नहीं मिल पाता उनके लिए विशेष प्रकार की 15 लाख रुपए तक लागत की उपचार थेरेपी दवाइयां शासन की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में रतलाम जिले में टीबी के 1800 मरीज का उपचार किया जा रहा है जिनमें से 20 मरीज विशेष केटेगरी के पाए गए हैं जिनको उक्त लागत की दवाइयों का उपचार प्रदान किया जा रहा है। कार्यशाला के अंतर्गत मीडिया प्रतिनिधियों का सम्मान किया गया।

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