अवैध मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले आरोपी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया

रतलाम । न्यायालय न्यायालय श्रीमान् अरूण कुमार खरादीस विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) रतलाम द्वारा आरोपी ओमप्रकाश पिता भेराजी दुलगज उम्र 64 वर्ष निवासी शिव मन्दिर के पास बरगुण्डापुरा जावरा जिला रतलाम हाल मुकाम शांति वाटिका, शमशान घाट पठान टोली जावरा को अवैध मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले आरोपी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया है । उक्त मामले की पैरवी सुश्री सीमा शर्मा विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस एक्ट) जिला रतलाम द्वारा की गई ।
घटना का संक्षिप्त विवरण
पुलिस थाना स्टेशन रोड जिला रतलाम के विशेष प्रकरण क्रमांक 03/2013 में माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) श्री अरूण कुमार खरादी द्वारा आज दिनांक 31-03-2022 को पारित अपने निर्णय में आरोपी ओमप्रकाश को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(ख)(द्बद्ब)(ख) में दोषसिद्ध पाते हुऐ 03 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5000/- रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
शासन की ओर से पैरवीकर्ता सुश्री सीमा शर्मा विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस एक्ट) के द्वारा बताया गया कि थाना स्टेशन रोड रतलाम पर पदस्थ उपनिरीक्षक आर.एस. अमलियार को दिनांक 02-05-2013 की शाम 17:25 बजे मुखबिर ने थाने पर आकर आरोपी का नाम एवं हुलिया बताते हुऐ सूचना दी कि ओमप्रकाश के हाथ में एक झोला है जिसमें अवैध मादक पदार्थ गांजा है, जो वह शाम करीब 06:30 बजे अशोक रोड लाईन्स के सामने थोक उपभोक्ता सहकारी भण्डार मर्यादित रतलाम के पास फ्रिगंज में किसी बाहरी तस्कर को देने वाला है। सूचना पर विश्वास कर उपनिरीक्षक आर.एस. अमलियार ने दो स्वतंत्र साक्षियों को बुलवाया तथा इन साक्षियों जुगल एवं मुख्तयार एवं पुलिस बल सउनि अनिल आचार्य, प्र.आर. दिनेश नागर, आरक्षक गजेन्द्र शर्मा, आरक्षक देवीदान, आरक्षक योगेन्द्रसिंह, आरक्षक जितेन्द्र जायसवाल को साथ लेकर मोटर साईकिलों से मुखबिर द्वारा बताए स्थान पर पहुचे और छुपकर नाका बंदी की और आधे घण्टे पश्चात मुखबिर द्वारा दी गई सूचना अनुसार व्यक्ति आकर खडा हुआ और किसी का इंतजार करने लगा जिसे घेर कर उससे नाम व पता पूछा तो उसने ओमप्रकाश होना बताया। उसे उपनिरीक्षक ने मुखबिर सूचना से अवगत कराया, उसके हाथ में लिए झौले की तलाशी लेने पर उसमें 02 किलो 500 ग्राम गांजा भरा मिला। जिसे जप्त कर जप्ती पंचनामा बनाया तथा मौके पर अन्य कार्यवाही कर वापस थाने पर आकर अपराध क्रमांक 181 दिनांक 02-05-2013 पर प्रथम सूचना दर्ज की।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र दिनांक 01-07-2013 को विशेष न्यायालय रतलाम में प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध किया गया।